ब्रह्माण्ड का क्रूरतम मानव

गुनाहगार अदालत ने जैसे ही अपना फैसला सुनाया, वो नरपिशाच बोल उठा, “मुझे ऑर्डर की कॉपी चाहिये।” किसी को जरा भी उम्मीद नहीं थी कि मौत की सजा के ऐलान के बाद भी उसके तेवर ढीले नहीं पड़ेंगे। लेकिन अदालत में मौजूद सभी लोगो को समझ आ गया था कि अदालत ने उसे ब्रह्माण्ड... [पूरी पोस्ट]
writer Neeraj Rajput
views
44
upvote
7
downvote
0
rating
7
comments
6
[14 Feb 2009 17:45 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix