varsha

varsha प्रेम पर लिखी कोई कविता मैंने पहली बार पढ़ी है तो वो यही है। कुछ मायने तो मैंने समझे होंगे इसके, क्योंकि इसकी पहली लाइन में कभी नहीं भूली। मैं इसे प्रेम कविता मान रही हूं, वैसे इसका अर्थ ज्यादा बड़ा है। कबीर यहु घर प्रेम का, खाला का घर नाहिं सीस उतार... [पूरी पोस्ट]
writer वर्षा
views
23
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
12
[13 Feb 2009 02:20 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix