आज मेरा मन भर आया...

Kavi Sparsh आज मेरा मन भर आया जब याद किए ये गुजरे दिन आँखे भी नम हो आयीं, आँसू न रुकेंगे छलके बिन सच, कितना प्यार समेटे है शिक्षा की ये भूमि महान समझ सका न कभी आज तक गता रहा दुखों का गान घर से तो आए दूर मगर, आज़ादी का अधिकार मिला जहाँ सब राजा अपने मन के, ऐसा मोहक... [पूरी पोस्ट]
writer Champak
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[12 Feb 2009 19:42 PM]

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