भारत की पहचान है सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद प्राचीन अवधारणा है। राष्ट्र वही होगा, जहां संस्कृति होगी। जहां संस्कृति विहीन स्थिति होगी, वहां राष्ट्र की कल्पना भी बेमानी है। भारत में आजादी के बाद शब्दों की विलासिता का जबर्दस्त दौर कुछ तथाकथित बुद्धिजीवियों ने चलाया। इन्होंन...
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sumansourabh
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[12 Feb 2009 05:58 AM]



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