ऐसी क्या बात है ? ...... नीरज
बाद मेरे हैं यहाँ और भी गाने वाले स्वर की थपकी से पहाड़ों को सुलाने वाले । उजाड़ बाग़ बियाबान औ सुनसानों में छंद की गंध से फूलों को खिलाने वाले ॥ इनके पाँवों के फफोले न कहीं फूट पड़ें इनकी राहों से ज़रा शूल हटा लूँ तो चलूँ ऐसी क्या बात है चलता हूँ अभी चलत...
[पूरी पोस्ट]
बवाल
42
6
0
6
19
[08 Feb 2009 13:32 PM]



Shuffle








