Bhasha ka tap tyag aur upeksha

फिलहाल भाषा का तप त्याग और उपेक्षा भाषा का प्रृश्न अब इतना आसान नहीं रहा। ख़ासतौर से हिंदी का सवाल तो चौतरफ़ा से घिरा हुआ है। राजनीतिक दृष्टि से भी व्यवसायिक और शैक्षिक स्तर पर भी। जिस प्रकार से लोग बंटते जा रहे हैं उससे लगता है कि हिंदी सिमटकर क्षेत्रिय भा... [पूरी पोस्ट]
writer गिरिराज किशोर
views
31
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
4
[08 Feb 2009 05:16 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix