दुनियादारी

laghukahani ना थारी छे, ना म्हारी छे या दुनिया भाया दारी छे गरज पड्यां सूं गुड बण ज्या काम निकलता ही खारी छे या दुनिया...... आंटी मैं पीसा हो तो जग बण जावे भाएलो लक्ष्मीजी जद घर छोड़े कुण नाती, कुणकी यारी छे या दुनिया...... पूत कमाऊ हो घर मैं तो सबने लगे प्यारो स... [पूरी पोस्ट]
writer शिवराज गूजर.
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[05 Feb 2009 08:42 AM]

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