कैसौ आयौ नवल बसंत .....(. गीत - रसिया )

अनुरक्ति रसिया ) कैसौ आयौ नवल बसंत सखी री मोरे आंगन में ! पोर पोर में आस , प्यास भर गयौ उसाँसन में !! धरा नें ऐसौ करौ सिंगार ! चुनर सतरंगी , पचलड़ हार ! रसीले नैनन में कचनार ! अंग अंग अभिसार झरै, ठसकौरी दुलहन में .... कैसौ आयौ .............. उडे गालन पै लाल अ... [पूरी पोस्ट]
writer ललितमोहन त्रिवेदी
views
29
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
2
[02 Feb 2009 12:34 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix