कैसौ आयौ नवल बसंत .....(. गीत - रसिया )
रसिया ) कैसौ आयौ नवल बसंत सखी री मोरे आंगन में ! पोर पोर में आस , प्यास भर गयौ उसाँसन में !! धरा नें ऐसौ करौ सिंगार ! चुनर सतरंगी , पचलड़ हार ! रसीले नैनन में कचनार ! अंग अंग अभिसार झरै, ठसकौरी दुलहन में .... कैसौ आयौ .............. उडे गालन पै लाल अ...
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ललितमोहन त्रिवेदी
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[02 Feb 2009 12:34 PM]



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