चित्र

sandhya gupta मैं चित्र बनाती हूँ जल की सतह पर देखो - कितने सुन्दर हैं!! जितनी यह काली और चपटी नाक वाली कुबड़ी लड़की जितने कुम्हार के ये टूटे हुए बर्तन जितनी समन्दर की दहकती हुई आग भूकम्प के बीच डोलती धरती और उलटी हुई नाव देखो...! ...................................... [पूरी पोस्ट]
writer sandhyagupta
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[02 Feb 2009 11:38 AM]

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