बसंती हाइकु
सादा माखन संग मक्की की रोटी बसंती स्वाद पीत पराग हर पंखुडी पीली बसंत आयो सुन पुकार संग हवा की धार डोले सरसों नर्म किरण नर्म फूलों के गाल बसंती प्रातः इतने दिनों के अन्तराल के लिए क्षमा चाहती हूँ.........निरंतर लिखने का प्रयास जारी रखूंगी.......
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swati
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[02 Feb 2009 03:37 AM]



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