चलिए ...ज़मी पर ख़ुदा ढूँढ़ते है !!!

Anwar Qureshi मैं... एक दिन कुछ अपनी ज़िन्दगी से परेशां ...अपनी किस्मत का हिसाब किताब कर रहा था , हज़ारो सवाल मेरे इर्द गिर्द घूम रहे थे और मुझे चिढ़ा रहे थे बार बार मुझसे ये कहते ...आख़िर मैं ही क्यूँ ? हमेशा मेरे साथ ही ऐसा क्यूँ होता है ? ये तकलीफें ये मुसीबते हम... [पूरी पोस्ट]
writer Anwar Qureshi
views
28
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
10
[31 Jan 2009 07:45 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix