यही बहार है, , दुनिया को भूल जाने की, खुशी मनाने की- लताजी का एक और मधुर गीत
लताजी की आवाज की एक खास बात पर आपने ध्यान दिया होगा, जब वे कोई वियोग, दुखी: या दर्द भरा गीत गाती है तो उनके स्वर में बहुत दर्द सुनाई देता है मानो लता जी उस गीत के भावों को अपने मन में चित्रित कर गाती है। ठीक इसी तरह लता जी के गाये शोख, मस्ती भरे गीतो...
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सागर नाहर
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[28 Jan 2009 22:29 PM]



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