बिहार में प्रेस पर अघोषित सेंसर
फज़ल इमाम मल्लिकपटना , जनवरी। बिहार में सब कुछ ठीक है। क़ानून व्यस्था पटरी पर लौट आई है। विकास चप्पे-चप्पे पर बिखरा है और ख़ुशहाली से लोग बमबम हैं। यह मैं नहीं कह रहा हूं। बिहार के अख़बार और समाचार चैनलों से जो तस्वीर उभर कर सामने आ रही है उससे तो बस...
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ambrish kumar
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[28 Jan 2009 11:26 AM]



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