इन कुसंस्कारियों से संस्कृति की रक्षा कीजिए
मैंगलोर में कुछ गुंडों ने एक पब में घुसकर जो कुकृत्य किया, उसकी केवल घोर निंदा काफी नहीं है। देश के एक महान राष्ट्रीय व्यक्तित्व के नाम पर सेना गठित कर निर्लज्जता और बेहूदगी का यह नाटक मेरे लिए या किसी भी भारतीय के लिए शर्म का नहीं, बल्कि आक्रोश का व...
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भुवन भास्कर
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[28 Jan 2009 00:39 AM]



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