वह आँसू कह जाते हैं

नया प्रयत्न मेरा प्रेम कुछ बोलना चाहता है । कुछ शब्द भी उठे थे, जिनसे अपने प्रेम की सारी बातें तुमसे कह देने को मन व्याकुल था , पर जबान लड़खडा गयी। अन्दर से आवाज आयी "कोई बाँध सका है की तुम चले हो बांधने प्रेम को, शब्दों में । ठहर गया मैं । प्रश्न था, प्रेम बोलन... [पूरी पोस्ट]
writer हिमांशु
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[26 Jan 2009 18:46 PM]

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