उसकी याद ही अच्छी

नया प्रयत्न खो ही जाऊं अगर कहीं किसी की याद में तो बुरा क्या है? व्यर्थ ही भटकूंगा - राह में व्यर्थ ही खोजूंगा - अर्थ को व्यर्थ ही रोऊंगा - निराशा के लिये, न पाऊंगा प्रेम, दुलार और स्नेह का आमंत्रण, फ़िर डूब जाने को प्रेम में खो जाने को प्रीति में, आनन्द के असीम... [पूरी पोस्ट]
writer हिमांशु
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[24 Jan 2009 20:08 PM]

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