अवधी सम्राट पं बंशीधर शुक्ल
समाज वादी प्रकृति वादी व् देश प्रेमी कवि पं बंशीधर शुक्ल कभी काव्य की बेह्तरीन भाषा रही अवधी अब मानो विलुप्ती के कगार पर है ऐसे में पं बंशीधर शुक्ल और प्रासंगिक हो जाते है हालांकि महाकवि तुलसीदास की रामचरित मानस युगों युगों तक इस भाषा को जीवित रखने म...
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Krishna Kumar Mishra
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[24 Jan 2009 19:59 PM]



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