मैं जानने वाला हूँ
आबाल -गोपाल सब ही वास्तव में जानने वाले को ही जानते हैं | लेकिन इसको जानने का जोर दिखता नहीं , इससे यह राग, द्वेष,पुस्तक,वाणी हैं इसलिए मुझे इनका ज्ञान होता है , ऐसा इसका जोर (झुकाव) पर में ही जाता है , श्रद्धा में अपने ज्ञान सामर्थ्य का विश्वास ही न...
[पूरी पोस्ट]
प्रदीप मानोरिया
aatma
28
1
0
1
7
[23 Jan 2009 23:33 PM]



Shuffle








