हमसफर

दृष्टिकोण तुम्हारे साथ सफर तय करना मुझे अच्छा लगता है। पर मैं तुम्हारा साया नहीं हूँ। मैं तुम्हारे आगे या पीछे नहीं चलना चाहती। मैं चाहती हूँ हम अपनी राह चल सके। तुम्हारे लिए मैं जड़े बन नमी खोज लाऊँ, पत्तियों सा जादू रचाऊँ...तुम खिल सको....बिल्कुल अपने रंगों... [पूरी पोस्ट]
writer Beji
views
50
upvote
10
downvote
0
rating
10
comments
7
[23 Jan 2009 01:36 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix