परिणाम - परिणाम स्वतंत्र और क्रमबद्ध है

कुन्दकुन्द कहान निर्मल परिणाम हो अथवा कि मलिन परिणाम वह उसके स्वकाल में ही होता है , वह परिणाम के उत्पन्न होने का जन्मक्षण है | वास्तव में जो कुछ भी होता है उसके तुम जानने वाले हो करने वाले नहीं अत: ऐसा कैसे और क्यों होता है ? इसका प्रश्न ही कहाँ है ...!! पूज्य गुरु... [पूरी पोस्ट]
writer प्रदीप मानोरिया
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[21 Jan 2009 23:09 PM]

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