ओबामा त्रिशूल

रेवा ओबामा है जप रहा , अब तो सारा देश. जैसे वे ही हरेंगे, अपना सारा क्लेश. कल तक चमड़ी श्वेत थी, और काला था राज. हो गए दोनों एक से, फिर भी करते नाज. सिंहासन पर बैठकर, काग सुनाता मंत्र. दुनिया का सुख छीनकर, हँसता है जनतंत्र. kon hai... [पूरी पोस्ट]
writer ओम द्विवेदी
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[21 Jan 2009 15:24 PM]

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