भेज़ा फ्राइ
पंसारी के दूकान मे,पनवारी के पान मे, मोची के जूते मे, गाय के खूटे मे, महीने के राशन मे, नेता के भाषण मे, पंडित के झोली मे, बोली ठिठोली मे, फिल्म की कहानी मे, रात मच्छरदानी मे, झूठे अस्वासन मे,अपनो के शासन मे, परीक्षा के प्रश्नो मे, साधू के वचनो मे, द...
[पूरी पोस्ट]
Tapashwani Anand
भेज़ा फ्राइ
28
5
0
5
8
[21 Jan 2009 02:18 AM]



Shuffle








