आत्मा और शरीर अत्यन्त भिन्न हैं

कुन्दकुन्द कहान भगवान् आत्मा केवलज्ञान की मूर्ती है और यह शरीर तो जड़ -धूल है मिट्टी है शरीर को आत्मा का स्पर्श ही कहाँ है !! पूज्य गुरुदेव कानजी स्वामी... [पूरी पोस्ट]
writer प्रदीप मानोरिया

aatma

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[20 Jan 2009 10:50 AM]

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