फ़ुरसतों में .............. (बवाल)
ज़रा सा इनकी तरफ़ तो देखो, हैं दोनों आलम सँभाल रक्खे औ’ तुमने पहली ही फ़ुरसतों में, उबल-उबल कर बवाल रक्खे ---बवाल निहित शब्दार्थ :- दोनों आलम = चल (मूक श्वान) - अचल (शिला), तुमने = मानव ने, उबल उबल = असंतुलित वाणी...
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बवाल
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[19 Jan 2009 02:49 AM]



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