एक मैं …
तेरे आसुयें तेरे द्वारे घायल निर्दोषी तेरे गुस्सा तेरी धुल भरी दुपहरी तेरे मीठी बोली तेरे आंच - पके फल तेरे आंचल की आड़ तेरे पेडो की छाव तेरे पूजा की थाली तेरे पत्तो से हुआ आशीर्वाद तेरा नम हाथ तेरे बरसात में नम हर प्राणी तेरा झूलन तेरा झोके - दार पश...
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Dev
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[18 Jan 2009 15:19 PM]



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