संस्कृति और इतिहास-बोध- 2

मत-मतांतर संस्कृति प्रवहमान होती है... संस्कृत के क्षेत्र में इस तरह के अलगाव की प्रक्रिया तब शुरू होती है, जब विकास की एक खास यात्रा हम तय कर चुके होते हैं। उससे पहले शायद ऐसा करना संभव भी नहीं होता। हम इतिहास के अनुभवों के आधार पर देखें तो साफ होगा कि जिस आर... [पूरी पोस्ट]
writer राजू रंजन
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[17 Jan 2009 11:25 AM]

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