बच्चन जी की पुन्य तिथि पर
प्रिय पाठकों कल हालावादी कवि हरिवंश राय बच्चन जी की पुन्य तिथि है। उनकी लिखी कुछ पंक्तियाँ मुझे बहुत प्रिय हैं। आप भी इनका रसास्वादन कीजिए- भावुकता अंगूर लता से खींच कल्पना की हाला कवि साकी बनकर आया है, भरकर कविता का प्याला। कभी न कणभर खाली होगा लाख...
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शोभा
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[17 Jan 2009 06:52 AM]



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