सलाम काबुल ....५(सलांग)

फ़लसफ़े काबुलीसे १००किमि दूर है हिन्दू कुश की पर्वतमाला में सलांग पास जो काबुल और उत्तरी अफगानिस्तान के बीच आवाजाही सुगम बनाता है.हमने तय किया की एक दिन माला. . माला घूमने जायेंगे . निश्चय हुआ सवेरे निकल पड़ेंगे जिससे शाम को अँधेरा होने से पहले काबुल के अन्दर... [पूरी पोस्ट]
writer Poonam
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[17 Jan 2009 05:56 AM]

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