मैं ही परमात्मा हूँ

कुन्दकुन्द कहान सब परिणमन श्रेणीबद्ध है , इसलिए तुम तो मात्र जानने वाले हो पूर्ण जाननहार इसमें विकार और अपूर्णता क्या ? ! एक रूप परिपूर्ण ही हो ! ........ परिपूर्ण परमात्मा हो !!!!! मैं ही परमात्मा हूँ ऐसा स्वीकार कर ! राग की क्रिया करने वाले क्या वो तुम हो ? अज्ञान... [पूरी पोस्ट]
writer प्रदीप मानोरिया
views
23
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
8
[15 Jan 2009 23:38 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix