कहानी : हेम चन्द्र जोशी :अगली सुबह
अगली सुबह मेरे घर की चहारदीवारी कुछ नीची है। इसीलिए सड़क में आने-जाने वालों को मैं आसानी से देख लेता हूँ । इस चलती सड़क पर न जाने कितने अपरिचित होते हुए भी जाने पहचाने से हो जाते है। उन्ही में से एक वह लड़का भी था। मैला कुचैला सा। अपनी पीठ पर एक बड़ा...
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Hem Chandra Joshi
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[14 Jan 2009 21:23 PM]



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