नया मतला और तीन शेर

kavideepakgupta ज़मीं को भूल बैठा है हवा में झूल बैठा है वजह कुछ भी नहीं, जिसको दिए वो तूल बैठा है ज़रा से सूद की खातिर गंवाकर "मूल" बैठा है ग़ज़ल का शौक ये "दीपक" तेरे माकूल बैठा है कवि दीपक गुप्ता 9811153282 - 9311153282 www.kavideepakgupta.com Delhi NCR, India... [पूरी पोस्ट]
writer kavideepakgupta
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[14 Jan 2009 00:05 AM]

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