कविता लम्बी है, पर क्या करुँ कहानी है
नीचे की कविता , कविता नहीं , कहानी है । नीतू दीदी की कहानी कह रहा हूँ मैं । मेरे कस्बे के इकलौते राष्ट्रीयकृत बैंक में कैशियर होकर आयी थीं और पास के ही घर में किराए पर रहने लगीं थीं । सहज आत्मीयता का परिचय बना - कब गूढ़ हुआ - मैंने नहीं जाना । कुल छः...
[पूरी पोस्ट]
हिमांशु
33
0
0
0
7
[13 Jan 2009 19:31 PM]



Shuffle








