दुश्मन को जब दोस्त बनायेंगे,

जनमानस सदियों की पहचान मिटा दी जायेगी , पुरखो की तहजीब भुला दी जायेगी । जागो दहशत आ पहुची दरवाजे तक , घर - घर में बारूद बिछा दी जायेगी । बरवादी के बाद जो रिश्ते सोचेंगे , आंगन से दीवार हटा दी जायेगी । असली चेहरे सामने आने वाले है , कल सब की तस्वीर दिखा दी ज... [पूरी पोस्ट]
writer pintu
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[12 Jan 2009 11:49 AM]

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