Hungry Kya ??
सोया था मैं टुन्न [अरे साहब खाना खा कर (क्या सोच रहे हैं आप ??)] हो कर, खोने को किसी की यादों में... पर कमबख्त कुछ समाचार ने, लगा दी है आग यादों में... क्या खोने में सोये थे, और किस उलझन में खो गए हैं... कोई तो कुछ उपाय बताओ, अजीब मुसीबत में फंस गए ह...
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Pratik Maheshwari
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[11 Jan 2009 07:28 AM]



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