शब्दों से कहीं बेहतर और कुछ ज़्यादा ही कहते हैं चित्र

joglikhisanjaypatelki पहले भी कहीं लिखा था कि इन्दौर में जनसत्ता एक दिन बाद मिलता है. उसके बाद भी उसका समाचार संकलन,ले-आउट और भाषा संस्कार मन को लुभाता है. मेरा शहर तो बाक़ायदा अख़बारों की मण्डी बन चला है और तमाम कौतुक रचते अख़बार रोज़ सुबह निगाहों के सामने होते हैं.कुछ बाक़ाय... [पूरी पोस्ट]
writer sanjay patel
views
36
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
11
[10 Jan 2009 21:46 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix