आपके लिए...
तुम्हारी याद के तकिये पर सिर रख कर के सोती हूँ उठे गर दर्द दिल में तो तुम मुझको जगा देना तुम्हारी महकी राहों का उजाला मैं न बन पायी अंधेरे आयें राहों में तो तुम मुझको जला लेना कभी तुमको लगे कि बेवफाई हो गई तुमसे तो कहके बेवफा मुझको मोहब्बत को वफ़ा देन...
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Jyotsna Pandey
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[09 Jan 2009 10:10 AM]



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