चुरा के ला ए हवा..

NirjharNeer कैसे निकलेगा दम हमदम मिलन की आस बाकी है ! कफ़स हो बस तेरा दामन फ़कत ये प्यास बाकी है !! कत्ल करके वो मेरा अब भी छुपा बैठा है ! उसे डर है कहीं मुझमें अभी तक साँस बाकी है !! तू दर बंद ना कर साकी पलकों से मयकदे का ! पीने दे मय नज़र से अभी तो रात बाकी है... [पूरी पोस्ट]
writer NirjharNeer
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[09 Jan 2009 02:21 AM]

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