सन्जीवनी क्या है ?
इस दुनिया में जितना आलस्य और निराशा ने नुकसान पहुंचाया है उतना असफलताओं ने नहीं। मनुष्य के जीवन में जब सिलसिलेवार असफलता आती है तो उसका आत्मविश्वास टूट जाता है और वह उन्हें ही अपनी नियति मान कर बैठ जाता है । जब मनुष्य के जीवन में निराशा की घनघोर बदली...
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विनय ओझा 'स्नेहिल'
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[09 Jan 2009 02:17 AM]



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