यह छीछाल्यादरि द्याखौ तो...
आजु हम पंडित चंद्र भूषण त्रिवेदी उर्फ रमई काका केरि याक कविता लाए हन। रमई काका रहइया उन्नाव क्यार रहइया रहैं अउर बैसवारी अवधी म बहुत कुछ लिखेन। उनक्यार लिखा प्रहसन “बहिरे बाबा” आकाशवाणी लखनऊ के सबते मसहूर कार्यक्रमन म माना जाति है। रमई काका केरे बारे...
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पंकज शुक्ल
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[08 Jan 2009 06:30 AM]



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