जो टूट के भी टूट नहीं पाता है !

Hindi Poems by Archana Panda जो टूट के भी टूट नहीं पाता है, जो काटो यूँ लगे और ही बढ़ जाता है , जो पूछे कोई शम्मा की रात कैसी थी? परवाना क्यूँ हँसते हुए जल जाता है.... हर बात में एक याद तेरी आती है , हर गीत पर एक तार सा चल जाता है , वो प्यार भरा तार तेरी ही शहर से होगा, सपना बने... [पूरी पोस्ट]
writer kavitaprayas
views
34
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
6
[08 Jan 2009 02:50 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix