पीली धूप का पेड़ !
ख्वाबों के जंगल में भटकते हुए पीली धूप के किसी पेड़ तले उकताए, हारे, हांफते एक दूसरे को निहारते... -सैय्यद जैगम इमाम की कविता का एक अंश पीली धूप के पेड़ आपने कहीं देखे हैं....शायद नहीं...इन दरख्तों को आप महसूस कर सकते हैं...हकीकत में नहीं बल्कि ख्वाब...
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मिहिर
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[05 Jan 2009 16:05 PM]



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