....क्या यह जायज़ है ?
कला को कभी भी बन्दूक के मुहाने खडा नहीं किया जा सकता .... सास्कृतिक आदान प्रदान को रोकना किसिस काम नहीं आ सकता ! यह तो लोगों को परस्पर मिलाने का काम करता है , इसे राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए ..." यह कहना है प्रख्यात फ़िल्म निर्देशक श्याम बेनेगल का...
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विक्षुब्ध सागर
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[03 Jan 2009 16:35 PM]



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