''मैंने कभी किसी गरीब को नहीं देखा''

आत्मदर्पण यह कविता मैंने वर्ष 2001 में मध्यप्रदेश सरकार के लिये किये जा रहे ''गरीबी का आकलन'' के दौरान हुये अनुभवों के आधार पर लिखी थी। मैंने कभी किसी गरीब को नहीं देखा मैंने गरीबी को कभी महसूस भी नहीं किया मैं गरीबी की परिभाषा से भी अनजान हूँ पर देखा है कुछ न... [पूरी पोस्ट]
writer प्रशांत दुबे
views
29
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
3
[02 Jan 2009 23:17 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix