दिल के धड़कने का तुम सबब मत पूछो......

अंकित दिल के धड़कने का तुम सबब मत पूछो। लिल्लाह उसका चेहरा गज़ब मत पूछो। . कम ना पड़े तेरा प्यार का ये सागर, दिल है मिरा इक सहरा तलब मत पूछो। . तेरे बिन लगे है लम्हा सदी सा मुझको, कैसे जियूं तनहा यार अब मत पूछो। . दीदार तेरा दिल की कोई धड़कन हो, कितना मैं हू... [पूरी पोस्ट]
writer अंकित "सफ़र"
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[02 Jan 2009 15:05 PM]

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