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वापस कीजिये प्लीज मेरी टिप्पणियाँ !

अब वे टिप्पणियाँ कैसे लौटेंगी जो उन डीलीटेड पोस्ट्स के साथ दफ़न हो गईं ? मैंने और आप सब ने भी  अगर ये दुनिया है तो कैसी दुनिया है-काव्य मंजूषा और स्प्लिट सेक्स चिकेन -स्वप्न दर्शी पर कल   टिप्पणियाँ की थीं मगर आज ये दोनों पोस्ट ब्लॉग मालिकों
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आज लवली कुमारी का जनमदिन है

आज, 12 मार्च को संचिका व भारतीय भुजंग वालीं लवली कुमारी का जनमदिन है। इनका ईमेल l.k.goswami@gmail.com है।बधाई व शुभकामनाएँआने वाले जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।अपने मोबाईल फोन पर SMS के द्वारा जनमदिनों की
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"बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" की स्थापना

बडे ही दुखित मन से पंडितजी (महेंद्र मिश्र) ने एक पोस्ट फ़ेंक के मारी गुस्से में. और लोगों ने हाथों हाथ लपक ली. उनको मलाल था कि उनके पूज्य दादा जी ने उनको बुढऊ की पदवी से नवाज दिया. पंडितजी ने गुस्से गस्से में पोस्ट दे मारी.अब देखिये...बडे बुजुर्गों के
 
ताऊ रामपुरिया
टैग: hasy-vyang
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बधाई दीजीए ....ये इस ब्लोग की पांच सौंवी पोस्ट है ....मगर वाह नहीं कहिएगा

ये इस ब्लोग की पांच सौवीं पोस्ट है , या शायद उससे एक ज्यादा ...है न बधाई देने की बात ....मगर नहीं वाह मत कहिएगा ......आज मन वाह नहीं आह कहने को कर रहा है .............आह ....!!!!!!!!!!!मैं भीष्म नहीं ,मैं अजर नहीं ,मारो , मर जाऊंगा ,मैं कभी भी अमर नहीं
 
अजय कुमार झा
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विश्व गुर्दा दिवस पर जानिए , किडनी फेलियर के बारे में ---

अख़बारों की सुर्ख़ियों में किडनी कांड के बाऱे में तो आपने सुना ही होगा। कभी कभी गलत तरीके से किया गया सही काम भी एक काण्ड बन जाता है। आज विश्व गुदा दिवस ( वर्ल्ड किडनी डे ) है।आइये जाने , कैसे रोका जा सकता है , किडनी फेल होने को ताकि फिर कोई नकली डॉक्टर
 
डॉ टी एस दराल
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अयोध्या के हिन्दू धर्माचार्य क्यों अपना रहे हैं इसलामी ‘शरीअत का उसूल ? best rule of shariah

मठ मन्दिरों में अकेले न भेजें महिलाओं को वक्त साबित कर रहा है कि मस्जिद हो या मंदिर सिस्टम सिर्फ़ इसलाम का ही कामयाब है । इसलाम का यह नियम है कि औरत जब घर से बाहर जाये तो वह घर के किसी महरम रिश्तेदार पिता भाई पति आदि को ज़रूर साथ ले ले । इस तरह बहुत से
 
DR. ANWER JAMAL
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रिन से भी ज़्यादा सफ़ेद-हबीबगंज-भोपाल एक्सप्रेस

आपमें से कई लोगों ने हबीबगंज एक्सप्रेस में सफ़र किया होगा। निज़ामुद्दीन से चलकर भोपाल और हबीबगंज जाने वाली ट्रेन। इसकी सफाई मुझे हमेशा से आकर्षित करती रही है। गज़ब का अनुशासन दिखता है इस ट्रेन। रेल यात्रा का जितना अनुभव रहा है उसके आधार पर कह सकता हूं कि
 
ravish kumar
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भारत में स्त्री की औकात

लीजिए बहनो और भाइयो, यदि आप किसी भ्रम में जी रहे थे तो तुरन्त उससे बाहर निकल आइए। यदि आप भारतीय नारी को महान मानने वालों का लिखा पढ़ते यह सोच रहे थे कि शायद आपका ही घर परिवार एक अपवाद है अन्यथा शेष भारत में तो जो वह कहे वही होता है, उसकी आज्ञा सबको
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अब तो आ जा .......

आ जाअब तोएक बारतड़प कीहर हदपार हो चुकी हैबिन आंसू केरोती हूँतुझ बिनकैसे जीती हूँजानता हैतू भीमगर फिर भीमुझे तड़पाकरकितना सुकूनतुझे मिलता होगाये पता है मुझेअहसास सिर्फअहसास होते हैंउनका नामनहीं होता नाइसीलिएतुझे अहसासनाम दियाऔर तूनेउसे सार्थककर दियाअहसास
 
वन्दना
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इकतारे की धुन...

टू ऊ ऊं ऊं ऊं..टू ऊ ऊं ऊं ऊं.. मन डोले मेरा तन डोले... दिल का गया करार रे.. ये कौन बजाये बांसुरिया इकतारे पर यह धुन बजाता जब वो घर के सामने से निकलता..तो वाकई मन डोल जाता. मिट्टी के दिये का बना वो इकतारा...बचपन से उसकी घुन लुभाती आई. जब भी वो गुजरता,
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एक कविता, एक ग़ज़ल और चित्र ...

रुख को कभी फूल कहा आँखों को कवँल कह देते हैंजब जब भी दीदार किया हम यूँ ही ग़ज़ल कह देते हैंवो परवाना लगता है कभी और कभी दीवाना साजल कर जब भी ख़ाक हुआ शमा की चुहल कह देते हैंवो आके खड़े हो जाते हैं जब सादगी लिए उन आँखों मेंवो पाक़ मुजस्सिम लगते हैं हम ताजमहल
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मिस. समीरा टेढी द्वारा "ब्लागर्स कार्यशाला - 2010" का उदघाटन

मैं रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" उर्फ़ ताऊ का गधा आपका स्वागत करता हूं और ब्लागर्स कार्यशाला - 2010 का आंखो देखा हाल आपको सुनाता हूं.ब्लागर्स कार्यशाला मे आशा के विपरीत जबरदस्त भीड जुटी. जिन ब्लागर्स ने अपना पूर्व मे रजिस्ट्रेशन करवा लिया था उनके लिये प्रथम
 
ताऊ रामपुरिया
टैग: hasy-vyang
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आपकी मुस्कान का सम्मान...खुशदीप

आज की ये पोस्ट इरफ़ान भाई को समर्पित है...देश के अग्रणी कार्टूनिस्ट इरफ़ान को हिंदी अकादमी ने वर्ष 208-09 के लिए काका हाथरसी सम्मान देने की घोषणा की है...43 साल के इरफ़ान भाई का सम्मान पूरे ब्लॉगवुड का सम्मान है...अपने ब्लाग इतनी सी बात से इरफ़ान भाई
 
खुशदीप सहगल
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वेदों में कहाँ आया है कि इन्द्र ने कृष्ण की गर्भवती स्त्रियों की हत्या की ? cruel murders in vedic era and after that

अर्थात इंद्र ने ऋजिश्वा राजा के साथ मिलकर कृष्ण नाम के असुर की गर्भवती स्त्रियों को मारा था । { ऋगवेद 1/101/1 }यो वर्चिनःशतमिंद्रः सहस्रमपावपद्अर्थात इंद्र ने वर्ची के सौ हज़ार पुत्रों को भूमि पर सुला दिया अर्थात मार दिया । { ऋगवेद 2/14/6 }इसलाम का अर्थ
 
DR. ANWER JAMAL
टैग: holy hindu war
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ओमकार से ओम तक कि यात्रा

१८ वीं और १९ वीं सदी के बहुत से पश्चिमी विद्वानों ने ये भ्रम फ़ैलाने की कोशिश की है कि भारत में ३०० - ४०० ईसा पूर्व जिस ब्राह्मी लिपि का विकास हुआ उसकी जड़े भारत से बाहर की हैं ,और इससे पहले भारत किसी भी तरह की लिखित लिपि से अनजान था.इसी सम्बन्ध में डॉ.
 
shikha varshney
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तो फ़िर हो जाने दो ब्लोग्गिंग को उन्मुक्त और निरंकुश ...

पिछ्ले कुछ दिनों बहुत से मुद्दों और तथाकथित विमर्शों पर जिस तरह की खींचतान , परोक्ष प्रत्यक्ष आरोप प्रत्यारोप , आक्रोश, खिन्नता , और भी जितने विशेषण होते होंगे सभी एक साथ देखने पढने को मिले । और जैसा कि अपेक्षित ही था कि एक बार फ़िर से धुरियां बनी या शायद
 
अजय कुमार झा
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~~मुझे नहीं होना बड़ा~~------->>>>दीपक 'मशाल'

~~मुझे नहीं होना बड़ा~~आज फिर सुबह-सुबह से शर्मा जी के घर से आता शोर सुनाई दे रहा था. मालूम पड़ा किसी बात को लेकर उनकी अपने छोटे भाई से फिर कलह हो गयी.. बातों ही बातों में बात बहुत बढ़ने लगी और जब हाथापाई की नौबत आ पहुँची तो मुझसे रहा नहीं गया. हालांकि
 
दीपक 'मशाल'
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कहानी..

कुछ पन्ने भी फटे थेकुछ लफ्ज़ भी कटे थेतेरी मेरी उस कहानी सेकिरदार भी छंटे थे ।एक टुकड़ा मेरे दिल काअब चाँद बन गया थाएक टुकड़ा तेरे दिल काख़्वाबों में सन गया थाएक नींद लग गयी थीदोनों को एक जैसीजहाँ दोनों टुकड़ेआपस में पास आ सटे थे ।जबरन कराये खालीदोनों ने मन
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एमएफ़ हुसैन की “रेप ऑफ़ इंडिया” पेंटिंग… मानसिक विकृति के साथ देशद्रोह भी…… MF Hussain, Rape of India Painting, Secularism

भारत से भगोड़े और तथाकथित सेकुलर कलाकार एमएफ़ हुसैन द्वारा हिन्दू देवी-देवताओं के बने चित्रों पर बात करने से सभी पक्षों का दिल दुखता है (हिन्दूवादियों का भी और खासकर सेकुलरों का)। अतः हुसैन की देश की समस्याओं पर बनी पेण्टिंग पर बात की जाये, यहाँ सन्दर्भ है
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के .....खुदगर्जी का सफ़र तो जारी रहेगा .....

स्टोर भी बड़ी अजीब शै है .... ....सजायाफ्ता मुजरिम सा अलहदा किसी कोने में खामोश खड़ा रहता है ..... भीतर कई अफ़साने छिपाये..... .हर सामान जैसे एक रिश्ते का नाम लिए बैठा है.....यूं भी जो चीज ढूँढने जाओ वो मिलती नहीं ... उधर कुछ गिरा है ..... बायो केमिस्ट्री
 
डॉ .अनुराग
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प्रिय गौतम जन्‍मदिवस की शुभकामनाएं । तुम यूं ही जगमगाते रहो यूं ही खिलखिलाते रहो, संजीता और तनया के साथ जीवन पथ पर सफलता के साथ अग्रसर रहो ।

गौतम राजरिशी, नाम में क्‍या रखा है ये भले ही शेक्‍सपियर ने कहा हो । लेकिन मैं शैक्‍सपियर को नहीं मानता । नाम में काफी कुछ रखा होता है । गौतम नाम अपने आप में ही सम्‍पूर्ण नाम होता है और तिस पर राजरिशी का सरनेम सामने लगा हो तो बात वैसे ही मुकम्‍मल हो जाती
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व्यंग-- बुढापे की चिन्ता समाप्त

व्यंग -- बुढापे की चिन्ता समाप्त आज कल मुझे अपने भविष्य की चिन्ता फिर से सताने लगी है। पहले 20 के बाद माँ बाप ने कहा अब जाओ ससुराल। हम आ गये। फिर 58 साल के हुये तो सरकार ने कहा अब जाओ अपने घर । हम फिर आ गये। फिर दामाद जी ने सोचा सासू मां अकेले मे हमे
 
निर्मला कपिला
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यक़ीं कीजे, ये मैं ही हूँ, जरा फोटो पुरानी है

छुट्टियाँ कब बीत जाती हैं, पता भी नहीं चलता। ड्युटी पर आये हुये ये चौथा दिन और फिर से वही अहसास कि जैसे यहीं हूँ सदियों से। सतरह सालों बाद इस बार उपस्थित हो पाया था होली पर अपने गाँव में और क्या खूब होली जमी। अबके इधर कश्मीर में खूब-खूब बर्फ गिरी
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गली में आज चाँद निकला

सबकी तरह मैं भी माँ से कहानियाँ सुनते बड़ी हुई। उन कहानियों के विषय अधिकतर देशभक्ति के हुआ करते थे। राणा प्रताप का राष्ट्र प्रेम से मौत तक समझौता ना करना। उनकी बच्ची का कहना वो कौन शत्रु है जिसने, हम सब को वनवास दिया है एक छोटी सी पैनी सी तलवार मुझे भी दे
 
कंचन सिंह चौहान
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फ़िल्म "ताऊ की हेराफ़ेरी" : प्रदर्शन के लिये तैयार

हमारी पिछली फ़िल्म ताऊ की शोले को आप लोगों की वजह से अपार सफ़लता मिली.  कुछ विशेष परिस्थितियों के चलते हमें यह फ़िल्म बंद करनी पडी और  हमने आपसे वादा किया था कि ताऊ की शोले का दूसरा पार्ट जल्द ही आपकी सेवा में प्रस्तुत करेंगे. परंतु  हमारे
 
ताऊ रामपुरिया
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कहाँ लिखा है कि विवाह के समय सीता जी केवल 6 वर्ष की थीं ? an ideal hindu marriage

‘ आदमी एक जिज्ञासु प्राणी है । सैक्स और और विवाद उसे स्वभावतः आकर्षित करते हैं। प्रस्तुत पोस्ट के माध्यम से आदरणीय चिपलूनकर जी ने इसलाम के प्रति ब्लाग जगत के इसी स्वाभाविक कौतूहल को जगा दिया है । आदमी नेगेटिव चीज़ की तरफ़ जल्दी भागता है । मजमा तो उन्होंने
 
DR. ANWER JAMAL
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भारत में बस भारतीय ही नहीं...खुशदीप

एक अमेरिकी नागरिक भारत घूमने आया और फिर वापस अपने देश गया...वहां वो अपने एक भारतीय दोस्त से मिला...दोस्त ने बड़ी उत्सुकता के साथ पूछा कि अमेरिकी को भारत कैसा लगा...अमेरिकी ने जवाब दिया...भारत एक महान देश है...इसका स्वर्णिम प्राचीन इतिहास है...प्राकृतिक
 
खुशदीप सहगल
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मेरे ब्‍लॉग पर पाठकों की संख्‍या 50,000 पहुंची .. मेरे ब्‍लॉगर प्रोफाइल को भी 20,000 लोगों ने विजिट किया !!

अगस्‍त 2007 में मुझे जब हिंदी में ब्‍लागिंग करने के बारे में जानकारी मिली थी , तो मैने इस दिशा में कदम बढा ही दिया था। जीमेल में मेरा अकाउंट नहीं था , इंटरनेट के बारे में आधी अधूरी जानकारी थी , फिर भी वर्डप्रेस पर नियमित रूप से लिखना तो शुरू कर दिया था ,
 
संगीता पुरी
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बदन से सरकते कपड़े--------------------[मिथिलेश दुबे]

बदन से सरकते कपड़े , जी हाँ आजके वर्तमान परिवेश में आपको आसानी से दिख जायेगा । अब ये आपको हर गली नुक्कड़ , बाजार हो या शोपिग माल छोटे कपड़ो मे लड़कियां आपको आसानी से दिख जायेंगी । कल तक छोटे कपड़े रैंप पर कैटवाक करती मॉडल्स अपने डिजाइनर्स के कलेक्शन को
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आज वाणी गीत की वैवाहिक वर्षगांठ है

आज, 9 मार्च को ज्ञानवाणी वालीं वाणी गीत की वैवाहिक वर्षगांठ है। इनका ईमेल पता Vanisharma65@gmail.com है।बधाई व शुभकामनाएँआने वाले जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।अपने मोबाईल फोन पर SMS के द्वारा जनमदिनों की
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हम महिला विषयों पर न लिखें ? - सतीश सक्सेना

डॉ अरविन्द मिश्रा का एक चुभता हुआ कमेंट्स मेरा ध्यान उनकी ओर खींच ले गया है  " चलिए आप उदासीन और तटस्थ रहकर इसी तरह बीच बीच में आकर अपनी घोर चिंता व्यक्त करते रहा करिए -ब्लागजगत का जो होना है वह तो हो ही जाएगा "   और मुझे लगा कि जैसे
 
सतीश सक्सेना
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मीठा मीठा गप्प, कड़वा कड़वा थू।................घुघूती बासूती

वाह, आरक्षण के पक्षधर अचानक उसके विरोधी हो गए! जब आरक्षण खुद को नौकरी में मिलना था तब तक उसके लिए युद्ध में डटे हुए थे। तब उसके विरोधी सामाजिक न्याय के विरोधी दिख रहे थे, अकेले मलाई खाना चाहने वाले लगते थे। तब आरक्षण समर्थक चाहते थे कि अगड़ी जाति वाले
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कचोट

बरसों साथ रहकर भीतेरा मेरा अनजाना रिश्तादेह की दहलीज पर हीक्यूँ सिमट गयामन के आँगन तक की राहकोई मुश्किल तो ना थीमौन का शून्य हीअस्तित्व को बाँटता रहाप्रगाढ़ स्नेह के बंधन कोकम आँकता रहाअर्धांगिनी शब्द कोखूँटी पर टाँकता रहाअर्ध अंग के महत्त्वको नकारता
 
वन्दना
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बिन पेंदे का लोटा--ना किसी के काम का------------ललित शर्मा

लोटा एक साधारण सा शब्द है लेकिन इसकी महिमा निराली है.........मनुष्य के जीवन से जुड़ा हुआ है...... इसके बिना काम चलना बहुत ही कठिन है........लोटे के लुढ़कने से लोटना शब्द का भी निर्माण हुआ होगा...........मनुष्य जब पी कर मदमस्त हो जाता है तो कहीं पर भी लोट
 
ललित शर्मा
टैग: लोटा
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वार्षिक ताऊ कवि सम्मेलन में कवि श्री सतीश सक्सेना

हाय एवरीवन...कैसे हैं आप लोग? होली निकल गई पर कसक रह गई. वैसे ही जैसे रस्सी जल गई पर बल नही निकले. होली बीत जाने के बाद अक्सर यह समझा जाता है कि पुरानी कडवाहट खत्म हुई. पर यहां तो माजरा ही कुछ अलग है. फ़तवे पर फ़तेवे दिये जारहे हैं..ले फ़तवे...दे
 
ताऊ रामपुरिया
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मैं गर न टूटूं ....

तुम्हारी चोट सेमेरा दरकना लाज़मी तो नहीं,मगरकुछ बातें मेरे इख्तियार में भी नहींमुझे बार-बार तोड़ना, फिर जोड़नाप्रिय शगल है तुम्हारास्वामित्व का बोध कराता हैतुम सिर्फ मेरी होपुख्ता  अहसास दिलाता है  मैं तुम्हें खुश होने देती हूँइस लिए नहीं कि मैं
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सृजन का संतुलन...खुशदीप

ऊपर वाला ब्रह्मांड को बनाने की प्रक्रिया में था...साथ ही अपने मातहतों को सृष्टि का सार बताता भी जा रहा था...देखो, सृजन के लिए सबसे ज़रूरी है, संतुलन...मसलन हर दस हिरण के पीछे एक शेर होना चाहिए...इसी तरह मेरे देवदूतों, दुनिया में  अमेरिका नाम का देश
 
खुशदीप सहगल
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फिर भी आओ एक दूजे को विश करे हेप्पी वुमनस डे सभी

ओ शीतल मंद पवन तू ही तप्त ह्रदय को शीतल करनारी ह्रदय दहक उठा भीषण क्रोध की ज्वाला में जल कर उथल पुथल होती है मन में, कोई संचार नहीं रहा बदन मेंआँसू ख़त्म हो चुके है अब तो, लहू उतर आया नयनन मेंकहते बड़े फक्र से आगए इक्कीसवीं सदी में हमसंकीर्णता मन में
 
RaniVishal
टैग: कविता
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वहीं जहाँ से आई थी

नारीबंद खिड़की के पीछे खड़ी वो,सोच रही थी कि खोले पाट खिड़की के,आने दे ताज़े हवा के झोंके को,छूने दे अपना तन सुनहरी धूप को.उसे भी हक़ है इसआसमान की ऊँचाइयों को नापने का,खुली राहों में अपने ,अस्तित्व की राह तलाशने का,वो भी कर सकती हैअपने, माँ -बाप के
 
shikha varshney