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एक बन्दर मेरे बगीचे के अन्दर
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16-May-2008 03:07 AM
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आज दोपहर हम खाना खाने बैठने ही वाले थे कि भीम भाई ने आकर बताया कि एक बन्दर बगीचे के अन्दर आया है। भगाना नहीं, कहकर मैं व बिटिया कैमरा लेकर बाहर भागे। पति को भी मैंने कह दिया कि साथ बाहर आ जाएँ
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आंगन में बाजार गायब फुटपाथ
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16-May-2008 02:48 AM
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इस बार गांव गया तो देखा वहां से निकल रहे हाइवे से फुटपाथ ही गायब है। पहले यह सड़क कम चाै़डी थी, अब अधिक चाै़डी हो गई है। जब कम चाै़डी थी तो उसके किनारों पर इंर्ट के खडंजे लगे थे। उसके बाद पैदल चलने
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समालोचना
में
ओमप्रकाश तिवारी
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कब थमेगी सियासत बेजुबान लाशों पर ?
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16-May-2008 02:30 AM
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- विवेक सत्य मित्रम्
मंगलवार की काली शाम ने गुलाबी नगरी की फिजां को लाल कर दिया। दहशत और खौफ की जो दास्तान लिखी गई.. उसकी जवाबदेही लेने को कोई तैयार नही है। वसुंधरा राजे से लेकर लालकृष्ण आडवाणी तक..
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बेजी की दुनिया में बदलाव...[बकलमखुद-36]
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16-May-2008 02:24 AM
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ब्लाग दुनिया में एक खास बात पर मैने गौर किया है। ज्यादातर ब्लागरों ने अपने प्रोफाइल पेज पर खुद के बारे में बहुत संक्षिप्त सी जानकारी दे रखी है। इसे देखते हुए मैं सफर पर एक पहल कर रहा हूं। शब्दों के
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शब्दों का सफ़र
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अजित वडनेरकर
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मन्दिर और वैश्या...
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16-May-2008 02:23 AM
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एक सबक दो मित्र थे । दोनों शिव मन्दिर में दर्शन करने जा रहे थे । बरसात हो रही थी रास्ते में वैश्या के कोठे की झंकार सुनाई दी । एक दोस्त बोला तुम जाओ मैं तो वैश्या के पास जाऊंगा उसका रंग-ढंग देखूंगा ।
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ख्वाब
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16-May-2008 02:01 AM
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(1)रात के नीरव अन्धेरों में,कई ख्वाब आते हैं, चले जाते हैं।छोड़ कर अंतर्मन में एक अजीब सा रिक्त स्थान,फिर नहीं आती नींद भीउनींदी आंखों मे।रहता है इंतज़ार,कि हो सकता है आ जाए फिर कोई ख्वाब नया। फिर
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कबाङखाना
में
विकास परिहार
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आमंत्रण ( आप भी इस अभियान का हिस्सा ...)
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16-May-2008 01:50 AM
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`बालसभा’ एक अभियान है जो भारतीय बच्चों के लिए नेट पर स्वस्थ सामग्री व जीवनमूल्यों की शिक्षा हिन्दी में देने के प्रति प्रतिबद्ध है.ताकि नेट पर सर्फ़िंग करती हमारी भावी पीढ़ी को अपनी संस्कृति, साहित्य व
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बालसभा
में
डॊ. कविता वाचक्नवी
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इन्द्र पांडे लोक नृत्य का जखीरा
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16-May-2008 01:24 AM
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बेढप ठेठ जबपुरिया इन्द्र पांडे लोक रंग भर देते हैं ।लोक -नृत्य के पर्याय इन्द्र को जानिए उनकी इस प्रस्तुति सेजबलपुर जिसे संस्कार धानी कहतें है उसके पीछे Jabalpur के कलाकारों,साहित्य कारों का हाथ है।
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विकास के नाम पर विनाश की दौड़
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16-May-2008 12:53 AM
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धरती को विनाश की कगार पर पहुचाने के बाद भी हम किसी दूसरे ग्रह पर जीवन की तलाश मे माथापच्ची करते दिख रहे हैं. विकसित देशों की नक़ल करके भारत के वैज्ञानिक भी चाँद और मंगल की और भागने की कोशिश कर रहे
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कुमारेन्द्र
में
KUMARENDRA
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ऐसे थे मुंशी निर्मल सिंह
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16-May-2008 12:50 AM
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बुढ़ापे में जवान होने का साहस कौन कर सकता है, लेकिन मुंशी जी करते थे। वे अपने आप को अंतिम दिनों तक नौजवान समझते रहे। उनका शरीर ढल गया था, हाथों में जान बची नहीं थी, वे लाठी से सरकते थे, लेकिन गन्ने
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वृद्धग्राम
में
harminder singh
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यादें.. तेरी यादें..
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16-May-2008 12:44 AM
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उन लम्हों को कैसे ज़िन्दा करूं..
सांसें मैं लूं फ़िर भी पल-पल मरूं..
यादें.. यादें.. यादें.. तेरी यादें.. यादें.. यादें..
बातें.. बातें.. बातें.. तेरी.. बातें.. बातें.. बातें..
हल्की
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ठुमरी
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vimal verma
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डेजा वू
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16-May-2008 12:29 AM
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ऐसी शाम इससे पहले भी आई है। जैसे किसी गुजरी सी शाम का दुहराव हो। हर बात , हर राज़ यहाँ कुछ पहचाना सा। यहाँ की गलियाँ भी पुरानी सी। कोई बात होने वाली है। ऐसा ही मन बार बार कहता है। एक लम्हे का सिरा
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छिपा आतंकवाद, खुला आतंकवाद
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16-May-2008 12:22 AM
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जयपुर धमाकों ने अनेक जानें ले लीं। अनेक घायल हुए, उन में अनेक ऐसे होंगे जो अब कभी भी सामान्य जीवन व्यतीत नहीं कर पायेंगे। अनेक ऐसे भी होंगे जो कदमों की दूरी से इन हादसों के दर्शक रहे होंगे, और उन के
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अनवरत
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दिनेशराय द्विवेदी
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सब भाषा की राजनीति है बाबू
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16-May-2008 12:17 AM
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पंजाब की भाषा क्या है? पंजाबी चलती है, गुरुमुखी में। हिंदी चलती है, देवनागरी में। अंग्रेज़ी भी थोड़ी-बहुत। पचास साल पहले ऐसा नहीं था। पंजाबी तो तब भी थी, लेकिन लिपि उर्दू वाली थी, जिसे अब शाहमुखी
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मोहल्ला
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Geet Chaturvedi
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वोट बैंक की जमहूरियत में इंसानियत हुई स्वाहा:
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16-May-2008 12:14 AM
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अपन को चुनाव करना होगा। इंसानियत और जमहूरियत में से किसे चुनें। शायद ही कोई ऐसा शख्स मिले। जो इंसानियत पर जमहूरियत को तरजीह दे। इकसठ साल पहले अपन को आजादी मिली। तो अपन ने जमहूरियत को खुद अपनाया था।
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गिरने से पहले वह डालियां सीना तानकर खड़ी थीं
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15-May-2008 11:31 PM
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हम किसी बड़ी इमारत में ऐसी जगह बैठे हैं जहां दिन में भी बिजली जलाना पड़ती है। इस कारण चारों तरफ रोशनी बिखरी रहती है। खिड़किया खुली हैं और उन पर रंग बिरंगे पर्दे लहलहा रहे हैं। बाहर तेज गर्मी है और
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लाल हुआ पिंक सिटी
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15-May-2008 10:33 PM
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एक के बाद एक आठ बम धमाकों से राजस्थान की राजधानी जयपुर थर्रा उठा। पच्चास से ज्यादा बेकसूर लोग मारे गए। आतंकियों ने राजस्थान को इसलिए भी चुना क्योंकी दुनिया की ज्यादातर देशों में लोग जयपुर को जानते
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निवेश गुरू
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निवेश गुरू
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साउदी शैम्पेन
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15-May-2008 10:22 PM
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गर्मी के मौसम में अरब देश का यह शीतल पेय गज़ब की ठंडक देता है. दोपहर हो, शाम हो या रात के डिनर का वक्त हो, कभी भी पिया जा सकता है. नॉन एल्कोहलिक बीयर या एप्पल जूस ------ 500 ml 7अप या
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सिखायेंगे सबक हिन्दू इंडिया को!
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15-May-2008 10:10 PM
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कातिल एक बार फ़िर टूटे कहर बन कर निर्दोष इंसानों पर,कहा हम सिखायेंगे सबक हिन्दू इंडिया को,मुझे इंडिया में रहते ६० से ज्यादा साल हो गए,पर मैं नहीं जानता किसी हिन्दू इंडिया को,क्या आप जानते हैं?मुझे
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Kavya Kunj
में
Suresh Chandra Gupta
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प्राणायाम बढाता है आयु
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15-May-2008 09:54 PM
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प्राणायाम बढाता है आयु शरीर और मन के बीच की कड़ी है प्राणायाम .प्राण,आपान, समान आदि वायुओं को साधने का अभ्यास करना अर्थात प्राणों को आयाम देना ही प्राणायाम है . शास्त्रों मे कहा गया है कि प्राणों
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समयचक्र
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mahendra mishra
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पीएम की पत्नी के फ्राड मेल से सावधान!
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15-May-2008 09:44 PM
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दोस्तो, मुझे आज एक ई-मेल मिला। इसे hotmail।com भी दबोच नहीं पाया. और यह जंक मेल की जगह मेरे इनबॉक्स में आ घुसा. आप लोग भी सावधान रहियेगा. इसे अंग्रेजी में ज्यों का त्यों दे रहा हूँ ताकि आप भाषा का भी
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आज़ाद लब
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विजयशंकर चतुर्वेदी
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आमिर खान मानसिक रूप से बीमार
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15-May-2008 09:22 PM
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फिल्मी दुनिया के हीरो आमिर खान मानसिक रूप से बीमार हो गये। घर परिवार नहीं बसने के कारण आमिर खान बेहद परेशान हैं। तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन नाकामी ही मिल रही है। पारिवारिक जीवन भी
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साथ निभाता है
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15-May-2008 09:20 PM
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जो है दुश्मन अपना वह भी हँसकर साथ निभाता है
रिश्ता एक पुराना, सर से, पत्थर साथ निभाता है
सावन की भी रुत होती है हमने पढ़ा किताबों में
अपने बागीचे में केवल पतझर साथ निभाता है
साथ घड़ी की सुइतों
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लोग कहते हैं
लोग कहते हैं
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15-May-2008 09:14 PM
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तपती हुई प्रकृति गर्मी से झुलसकर,सावन के आते ही वसुधा पे उतरकरबादल की मशक लेकर तन मन को धो रही हैलोग कहते हैं बारिश हो रही है।कुरूप हो न जाए जो हो गया है मैलामौसम की धूल का न रहे दाग पहलावसुंधरा
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