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31 Dec 2009
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नीड़ का निर्माण फिर

यह चिट्ठी बच्चन जी की जीवनी के दूसरे भाग 'नीड़ का निर्माण फिर' की पुस्तक की समीक्षा है। yeh post bchchcan jee ki jeevanee ke doosre bhag kee smeekshaa hai. This post is book review of Harivansh Rai Bachchan's autobiography's second part 'Neer ka Nirm
 
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क्या भूलूं क्या याद करूं

यह, हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा के पहले भाग 'क्या भूलूं क्या याद करूं' की, समीक्षा है। This is book review of the first part of autobiography of Harivansh Rai Bachcan - 'kya bhuloon kya yaad kroon'.
 
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दशद्वार से सोपान तक

इस चिट्ठी पर बच्चन जी की आत्म कथा के चौथे भाग दशद्वार से सोपान तक की समीक्षा है। This post is book review of the fourth part of Harivansh Rai Bachchan's autobigraphy - dashdwar se sopaan tak. yeh bachchan ji kee jeeevanee ke chothe bhaag - dashdwar s
 
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Dec 29 2009 11:57 AM
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बसेरे से दूर

यह, हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा के तीसरे भाग 'बसेरे से दूर' की, समीक्षा है। This is book review of the third part of the autobiography of Harivansh Rai Bachcan - 'Basere se door'.
 
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Dec 29 2009 11:57 AM
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विश्व की संगीत राजधानी – वियाना

इस चिट्ठी में वियाना यात्रा का वर्णन है। yeh chitthi vienna yatra ka varnan hai. This post is about my visit to Vienna.
 
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दीवार तोड़ो, दिल जोड़ो: बर्लिन की यात्रा

इस चिट्ठी में मेरी बर्लिन यात्रा का वर्णन है। is chitthi mein berlin yatra ka varnan hai. This post is about my trip to Berlin.
 
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अन्तरजाल की मायानगरी में

This post in Hindi (Devnagri) talks about history, future of the Internet and web. It also discusses problems and their solutions arising therein. is hindi (devnaagri) kee chitthi mein, anterjaal ke itihaas aur bhvishaya ke baare mein charchaa hai. yeh
 
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Aug 11 2009 06:44 AM
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हमने जानी है रिश्तों में रमती खुशबू

सबसे प्रिय गीत, प्रिय क्षण - दर्द की यादें हैं. रिश्ते अक्सर दर्द दे जाते हैं। क्या इनमें दर्द ही होता है? क्या यही है रिश्तों में रमती खुशबू? क्या यही है रिश्तों का अंजाम। क्या यही है जीवन का निचोड़, या फिर कुछ और। इसमें शक नहीं कि दर्द और मिठास
 
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