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निंदा पुराण

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11 May 2010
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फूलों की घाटी और हेमकुण्ड की यात्रा

उत्तर भारत में जैसे-जैसे भीषण गर्मी का प्रकोप फैलता है, वैसे-वैसे लोग राहत पाने के लिये हिमालय पर स्थित अनेकों रमणीक स्थलों का रुख करते हैं। और देखते ही देखते सुगम्य स्थानों पर पर्यटकों की बाढ़ आ जाती है। ऐसे में यदि आप प्रकृति की सुन्दरता का वास्तव में
 
अंकुर वर्मा
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मेरी नाज़नीं तुम मुझे भूल जाना

स्वर: अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन मेरी नाज़नीं तुम मुझे भूल जाना, मुझे तुमसे मिलने न देगा ज़माना। कभी हम मिले थे किसी एक शहर में, कभी हम मिले थे गुलों की डगर में। समझना कि था ख़्वाब कोई सुहाना, मेरी नाज़नीं तुम मुझे भूल जाना। जुदाई के सदमों को हँस हँस के
 
अंकुर वर्मा
Dec 29 2009 11:41 AM
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एक सपना भारत नवनिर्माण का

मेरे एक घनिष्ट मित्र हैं। जब भी हम साथ बैठते हैं तो प्रायः एक ज्वलंत समस्या पर विचारों का आदान प्रदान होता है और प्रायः एक हल ढूंढ़ने की कोशिश की जाती है। देश पर आतंकी हमले और उसके बाद नेताओं की आपस में छींटाकशी परसों रात हमें चुभते रहे। सोचा कि क्या
 
अंकुर वर्मा
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बस कर जी

रचना: बाबा बुल्ले शाह स्वर: पूरण चन्द्र वडाली और प्यारेलाल वडाली (वडाली बन्धु) बस कर जी हुण बस कर जी, इक बात असाँ नाल हँस कर जी तुसीं दिल मेरे विच वसदे हो, एवें साथों दूर क्यों नसदे हो नाले घत जादू दिल खसदे हो, हुण कित वल जासो नस कर जी बस कर जी हुण ब
 
अंकुर वर्मा
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ख़ुमार बाराबंकवी की कुछ ग़ज़लें…

ख़ुमार बाराबंकवी हम उन्हें वो हमें भुला बैठे… ऐसा नहीं के उनसे मुहब्बत नहीं रही… एक पल में एक सदी का मज़ा हम से पूछिये… वो हमें जिस कदर आजमाते रहे… Posted in कला और संगीत
 
अंकुर वर्मा
Aug 11 2009 04:08 AM
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…हिमालय की गोद में… – भाग 2

चौथा दिन: मुनश्यारी से चौकोड़ी (लगभग 90 किमी)
 
अंकुर वर्मा
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एक सप्ताह हिमालय की गोद में… – भाग 1

इस साल पूरे उत्तर भारत और खासकर कानपुर में गर्मी ने हद ही पर कर दी थी। एक ही उपाय सुझाया इससे बचने का कि पहाड़ों में चलते हैं। नैनीताल, मसूरी और शिमला तो पहले ही घूम चुके थे और इन सभी की गर्मियों में भीड़ भाड़ के कारण बुरी हालत हो जाती है इसलिये [...]
 
अंकुर वर्मा
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बात करनी मुझे मुशकिल कभी ऐसी तो न थी…

स्वर:मेंहदी हसन रचना: बहादुर शाह ज़फ़र Posted in कला और संगीत, मेहदी हसन
 
अंकुर वर्मा
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सरफ़रोशी की तमन्ना (गुलाल)

हाल में ही प्रदर्शित हिन्दी फ़ीचर फ़िल्म गुलाल का संगीत काफ़ी प्रभावशाली है। आज के दौर पर कटाक्ष ये छोटा सा छन्द जोकि बिस्मिल के “सरफ़रोशी की तमन्ना” का एक्स्टेंशन है, मुझे बहुत अच्छा लगा। आप भी सुनिये - ओ रे बिस्मिल काश आते आज तुम हिन्दोस्ता
 
अंकुर वर्मा
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एक कटु अनुभव…

किसी ने सही कहा है कि “Remarkable thing about the life is that it can never be so bad that it can not get worse.” जीवन कई ऐसे पल आते जब इस बात के महत्त्व और गूढ़ता का आभास होता है। परसों मेरे साथ कुछ ऐसा ही घटित हुआ। यह मेरी चौथी कलकत्ता य
 
अंकुर वर्मा
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वैलेन्टाइन्स डे: लव सेना की सुरक्षा में

यदि इस वैलेन्टाइन डे पर प्रेमी युगल और प्रेमी एकल राम सेना या अन्य किसी समान विचारधारा के तथाकथित नैतिक मूल्यों के ठेकेदारों से भयभीत होकर अपने प्रेम की बलि देने का मन बना रहे हों तो उनके लिये लिये आशा की एक नयी किरण ले कर आयी है लव सेना। लव सेना आपक
 
अंकुर वर्मा