तीसरा खंबा's Image

तीसरा खंबा

http://teesarakhamba.blogspot.com/
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
17 Jun 2010
कुल प्रविष्टियां
383
पाठक भेजे
20361
पसंद
1704
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
53.16
पसंद करें
2
नापसंद करें

पति पोर्न सामग्री का व्यसनी है और पत्नी की उपेक्षा करता है तो पत्नी क्रूरता के आधार पर राहत प्राप्त कर सकती है

प्रिया ने अपनी एक परिचित के मामले में सलाह चाही है- मैं उस का नाम नहीं बता सकती लेकिन वह मेरी बहुत निकटतम है। उस का पति अश्लील सामग्री (Porn meterial) का अत्यंत व्यसनी है, हमेशा उस का अपमान करता है और बाहर की स्त्रियों के साथ फ्लर्ट करता है। वह घर
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
4
नापसंद करें

तीसरा खंबा

रेखा ने दो प्रश्न एक साथ तीसरा खंबा को प्रेषित किए हैं -1. मेरी सहेली स्कूल में अध्यापिका है, उस ने वहाँ के प्राचार्य को जो कि खुद शादीशुदा है एक अध्यापिका के साथ अश्लील हरकत करते हुए देखा और एक बार स्कूल की छत पर रखे गमले से मिस्त्री द्वारा मिट्टी
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
1
नापसंद करें

सर्वोच्च न्यायालय की सामान्य अपीलीय अधिकारिता : भारत में विधि का इतिहास-93

सर्वोच्च न्यायालय भारत का अंतिम न्यायालय है जहाँ किसी न्यायार्थी को न्याय प्राप्त हो सकता है। इसे सभी प्रकार के मामलों में अपीलीय शक्तियाँ प्राप्त हैं।संवैधानिक मामले-संविधान के अनुच्छेद 132 में यह उपबंधित किया गया है कि भारत के किसी उच्च न्यायालय की
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
1
नापसंद करें

वीरप्पा मोइली अपने पद से त्याग पत्र दें

भोपाल गैस त्रासदी से सम्बन्धित अपराधिक मुकदमे में सुप्रीमकोर्ट द्वारा आरोप को गैर इरादतन मानववध से गफलत और लापरवाही से हुई मौत के मामले में परिवर्तित करने के लिए तत्कालीन न्यायाधीश ए.एम.अहमदी पर दोष मंढ़ा जा रहा है। कानून मंत्री ने इस के लिए न्यायपालिका
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: Govt.
पसंद करें
2
नापसंद करें

सर्वोच्च न्यायालय की प्रारंभिक अधिकारिता : भारत में विधि का इतिहास-92

सर्वोच्च न्यायालय भारत की न्यायपालिका का नेतृत्व करता है। भारत के संविधान द्वारा इस की अधिकारिताओं का निर्धारण किया गया है। सब से पहले हम उस की प्रारंभिक अधिकारिता पर बात करेंगे।हमारे देश ने शासन के लिए एक संघीय संविधान को अपनाया है। संविधान के अंतर्गत
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
3
नापसंद करें

भारत का सर्वोच्च न्यायालय : भारत में विधि का इतिहास-91

जैसे ही भारत का संविधान लागू हुआ, अनौपचारिक रूप से भारत का संघीय न्यायालय भारत के सर्वोच्च न्यायालय में परिवर्तित हो गया। लेकिन इस का औपचारिक उद्घाटन दो दिन बाद संसद भवन स्थित चैम्बर ऑफ प्रिंसेज में सम्पन्न हुआ। चैम्बर ऑफ प्रिंसेज बारह वर्ष पहले से संघीय
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
2
नापसंद करें

संघीय न्यायालय (Federal Court) की अधिकारिता : भारत में विधि का इतिहास-91

भारत शासन अधिनियम 1935 से स्थापित संघीय न्यायालय को आरंभिक, अपीली संवैधानिक और परामर्शदात्री अधिकारिताएँ प्रदान की गई थीं। अधिनियम की धारा 206 में उपबंध था कि विधानमंडल अधिनियम पारित कर संघीय न्यायालय की अधिकारिता में विस्तार कर सकता है।आरंभिक
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: legal history
पसंद करें
2
नापसंद करें

भारत में संघीय न्यायालय (Federal Court) की स्थापना : भारत में विधि का इतिहास-90

भारत में यह भावना लगातार बल पकड़ती जा रही थी कि प्रिवी कौंसिल की अधिकारिता समाप्त की जा कर उस के समकक्ष अधिकारिता वाला न्यायालय भारत में ही स्थापित होना चाहिए। 1935 के भारत शासन अधिनियम के द्वारा ब्रिटिश भारत के संघीय ढाँचे को अनुमति मिल गई थी जिस के
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
2
नापसंद करें

ससुराल वालों के हस्तक्षेप से पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता है, क्या करूँ?

 रंजन कुमार श्रीवास्तव पूछते हैं -- मेरी शादी अप्रेल 2008 में हुई थी। मेरी पत्नी के पिता रेलवे में कर्मचारी थे, उन की मृत्यु हो गई। जिस के बाद पत्नी की बड़ी बहन को अनुकंपा नियुक्ति मिल गई। मेरी ससुराल में मेरी सास, मेरी पत्नी की बड़ी बहिन और जीजा
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
2
नापसंद करें

अकृत और शून्य विवाह से कोई अधिकार या कर्तव्य उत्पन्न नहीं होते

तीसरा खंबा की पोस्ट क्या दूसरी पत्नी को पति की संपत्ति में उत्तराधिकार का अधिकार है? में श्री गणेश पाटिल की समस्या पर कानूनी स्थिति का विवेचन प्रस्तुत किया गया था। गणेश जी ने तीसरा खंबा का धन्यवाद करते हुए अपने कुछ प्रश्न और रखे हैं-सर,मेरे प्रश्न का
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
1
नापसंद करें

तीसरा खंबा

तीसरा खंबा की पोस्ट क्या दूसरी पत्नी को पति की संपत्ति में उत्तराधिकार का अधिकार है? में श्री गणेश पाटिल की समस्या पर कानूनी स्थिति का विवेचन प्रस्तुत किया गया था। गणेश जी ने तीसरा खंबा का धन्यवाद करते हुए अपने कुछ प्रश्न और रखे हैं-सर,मेरे प्रश्न का
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: second marriage
पसंद करें
2
नापसंद करें

प्रिवी कौंसिल की अधिकारिता की समाप्ति और उस का महत्व : भारत में विधि का इतिहास-89

भारत से प्रिवी कौंसिल में अपीलों का सिलसिला 1726 में आरंभ हुआ जब मेयर न्यायालयों की अपील प्रिवी कौंसिल द्वारा सुने जाने का उपबंध किया गया। बाद में प्रेसीडेंसी नगरों के सुप्रीम कोर्टों और मुफस्सल दीवानी अदालतों के निर्णयों की अपीलें भी प्रिवी कौंसिल में
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: legal history
पसंद करें
3
नापसंद करें

क्या दूसरी पत्नी को पति की संपत्ति में उत्तराधिकार का अधिकार है?

गणेश पाटिल पूछते हैं --सर, हमारे पापा का देहान्त हो चुका है। उन्हों ने दो शादी की थी। मैं उन का दत्तक पुत्र हूँ। मेरे पापा सरकारी कर्मचारी थे, ऑफिस में काम करते थे। उन की पहली वाली पत्नी और मेरी पहली माँ मेरे साथ रहती हैं। दूसरी माँ  उन के
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: second marriage
पसंद करें
2
नापसंद करें

क्या सामान्य वर्ग की स्त्री पिछड़े वर्ग के पुरुष से विवाह कर आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकती है?

रजनीश जी ने पूछा है --क्या सामान्य वर्ग की लड़की किसी पिछड़े वर्ग के लड़के के साथ विवाह कर आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकती है?उत्तर रजनीश जी,आप को अपने प्रश्न का उत्तर तलाशने के लिए पहले तो तीसरा खंबा की पिछली दो पोस्टें बिना विवाह किए एकल माता की संतान
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: marriage
पसंद करें
3
नापसंद करें

पत्नी वस्तु नहीं इंसान है, उस से इंसान जैसा व्यवहार कीजिए, राहें अपने आप निकलेंगी

परमेश जी (परिवर्तित नाम) पूछते हैं ---मेरी शादी को अभी दस माह हुए हैं, मेरी पत्नी के दोनों गुर्दे 75 प्रतिशत खराब हैं, मुझ से छुपाया गया। मुझे पता तब चला जब वह गर्भवती हुई। मैं ने दिल्ली के डॉक्टरों को दिखाया तो डॉक्टर साहब बोले कि ये आखिरी अवसर है, आगे
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: sick
पसंद करें
1
नापसंद करें

ब्रिटिश प्रिवी कौंसिल में भारत से अपीलें : भारत में विधि का इतिहास-88

भारत में जब पहली बार जब 1726 के चार्टर द्वारा प्रेसीडेंसी नगरों में मेयर के न्यायालय स्थापित किए गए यह उपबंधित किया गया था कि 1000 पैगोडा से अधिक मूल्य के मामलों की अपील प्रिवी कोंसिल में की जा सकेगी। यहीं से प्रिवी कौंसिल से भारत का संबंध स्थापित हुआ।
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
1
नापसंद करें

ब्रिटिश प्रिवी कौंसिल : भारत में विधि का इतिहास-87

ब्रिटिश सम्प्रभुता के क्षेत्रों के लिए ब्रिटिश सम्राट को ही न्याय का उच्चतम स्रोत माना जाता है। इसी कारण से ब्रिटिश सम्राट को उच्चतम अपील न्यायालय के रूप में मान्य किए जाने की परंपरा विद्यमान है। ब्रिटिश सम्राट उन के समक्ष प्रस्तुत याचिकाओं को अपनी
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
4
नापसंद करें

पत्नी से किन आधारों पर तलाक ले सकता हूँ? बच्चो की कस्टडी मुझे मिल सकती है अथवा नहीं?

पंकज जी ने अपनी समस्या इस तरह रखी है --मेरी उम्र 34 वर्ष है, मेरी शादी को 8 वर्ष हो गये हैं। मेरे तीन बच्चे हैं जो क्रमशः 7, 6 व 4 वर्ष  के है बीच की लडकी है। एक दूसरी कक्षा में, एक पहली कक्षा में और तीसरा  के.जी. 2 मे है। शादी के बाद से मेरी
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
2
नापसंद करें

शक की सुई !!!

अनिल जी लिखते हैं -- शादी के बाद भी मेरी पत्नी के गैर मर्द से संबंध हैं. उसे मैं ने उस आदमी के साथ घूमते हुए पकड़ा है। मरे पास उन के साथ-साथ घूमते हुए चित्र भी हैं। मेरी पत्नी ने मेरे परिवार वालो पर घरेलू हिंसा का मुकदमा किया है। अब मुझे अपनी पत्नी
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: संदेह
पसंद करें
2
नापसंद करें

संसद सर्वोच्च नहीं है?

औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 देश में उत्पन्न औद्योगिक विवादों का हल प्रस्तुत करता है। किसी भी कर्मकार की सेवाएँ समाप्त हो जाने पर उत्पन्न औद्योगिक विवाद इसी कानून के अंतर्गत हल किया जाता है। इसी कानून में यह भी प्रावधान है कि यदि कोई लाभ यदि नियोजक की ओर
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
1
नापसंद करें

नागपुर में उच्च न्यायालय की स्थापना : भारत में विधि का इतिहास-86

भारत शासन अधिनियम की धारा 229 (1) में उच्च न्यायालय स्थापित करने की शक्ति प्रदान की गई थी। इस शक्ति का प्रयोग करते हुए मध्य प्रान्त के लिए नागपुर में उच्च न्यायलय स्थापित करने हेतु 2 जनवरी 1936 को लेटर्स पेटेंट जारी किया गया। नागपुर उच्च न्यायालय के गठन,
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: Govt.
May 23 2010 05:17 AM
पसंद करें
2
नापसंद करें

तलाकशुदा मुस्लिम महिला इद्दत अवधि के बाद पुनर्विवाह तक पूर्व पति से भरण पोषण प्राप्त सकती है

जनाब शरीफ़ ख़ान साहब ने सवाल किया था कि क्या तलाक शुदा मुस्लिम महिला इद्दत की अवधि के बाद भी अपने खाविंद से धारा 125 दं.प्र.संहिता में जीवन निर्वाह भत्ते के लिए आवेदन कर प्राप्त कर सकती है, यदि उस ने विवाह नहीं किया हो? तीसरा खंबा पर 19.05.2010 को
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
1
नापसंद करें

भारत शासन अधिनियम 1935 और विधि व्यवस्था -2 : भारत में विधि का इतिहास-85

भारत शासन अधिनियम 1935 में उच्च न्यायालयों को पूर्व में प्राप्त अधिकारिता को ही अनुमोदित किया गया था। उन्हें 1915 के अधिनियम के अंतर्गत देशज प्रथाओं और रूढ़ियों से शासित राजस्व मामलों के विचारण का अधिकार नहीं था, लेकिन उन्हें इन मामलों पर अपीली अधिकारिता
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: Govt.
May 21 2010 07:24 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

अपने वकील से संतुष्ट नहीं हैं तो तुरंत किसी वरिष्ठ और अनुभवी वकील से मार्गदर्शन प्राप्त करें

 प्रश्न मेरा नाम अनिल है,  पति-पत्नी में तलाक के मुकदमे को चलते दो साल हो गएहैं, पति तलाक चाहता है और पत्नी नहीं चाहती और वे दोनों दो साल से अलग रह रहे हैं। क्या उन का तलाक हो सकता है? उत्तर--अनिल जी,आप का प्रश्न स्पष्ट नहीं है। आप के
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
1
नापसंद करें

तलाकशुदा मुस्लिम महिला इद्दत अवधि के बाद पूर्व पति से भरण पोषण प्राप्त नहीं कर सकती

प्रश्न-  जनाब शरीफ़ ख़ान साहब ने सवाल किया है कि क्या तलाक शुदा मुस्लिम महिला इद्दत की अवधि के बाद भी अपने खाविंद से धारा 125 दं.प्र.संहिता में जीवन निर्वाह भत्ते के लिए आवेदन कर प्राप्त कर सकती है, यदि उस ने विवाह नहीं किया हो?उत्तर-  जनाब
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
1
नापसंद करें

भारत शासन अधिनियम 1935 और विधि व्यवस्था : भारत में विधि का इतिहास-84

अगस्त 1935 में ब्रिटिश संसद ने भारत शासन अधिनियम 1935 पारित किया। इस अधिनियम ने 1919 के अधिनियम का स्थान लिया। इस अधिनियम के उपबंधों से भारत में विधान मंडल, कार्यपालिका और न्यायपालिका के कार्यों को विनियमित करने का उल्लेखनीय प्रयत्न किया गया था। न्याय और
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: Govt.
पसंद करें
2
नापसंद करें

बाल विवाहों के पूर्ण प्रतिषेध के लिए उन्हें प्रारंभ से ही शून्य और अकृत घोषित किया जाए

 एक और आखा तीज (अक्षय तृतिया) गुजर गई। इस दिन किए गए दान का पुण्य अक्षय होता है, ऐसी मान्यता है और तमाम हिन्दू धार्मिक पीठें, संत, कथावाचक आदि इस बात का खूब प्रचार भी करते हैं। यह भी मान्यता है कि रजस्वला होने के पूर्व ही कन्या (पुत्री) का कन्यादान
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: अपराध
पसंद करें
6
नापसंद करें

घृणा फैलाने वाला ब्लागर गिरफ्तार

नायर समुदाय के विरुद्ध अपने ब्लाग के माध्यम से घृणा फैलाने के आरोप में केरल के एक ब्लागर के.वी. शाइन को गिरफ्तार किया गया। बाद में उसे प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहाँ उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। के.वी.शाइन जॉर्ज जोसेफ के छद्मनाम
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
2
नापसंद करें

ससुर पुलिस में हैं, क्या वे मुझे झूठे मुकदमे में फँसा सकते हैं ?

श्री शैल पूछते हैं ......मेरी शादी मई 2003 में हुई थी और मेरी पत्नी मार्च 2004 से उस के मायके में रहती है। पहले नौ माह के दौरान वह मेरे पास दो माह भी नहीं रही है। एक सप्ताह वह हमारे पास रहती और दो माह उस के मायके में रहती। हम अभी तक चार बार लेने जा चुके
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: marriage
पसंद करें
4
नापसंद करें

वकील के मुंशी से सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तक

सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश सरोश होमी कपाड़िया 12 मई को देश के 38वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ले चुके हैं।  वे 28.09.2012 तक इस पद पर बने रहेंगे। न्यायमूर्ति कपाड़िया पहले न्यायाधीश हैं जिन का जन्म आजाद भारत में 29 सितंबर 1947 को
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: Judge
पसंद करें
1
नापसंद करें

पटना और लाहौर में उच्च न्यायालयों की स्थापना : भारत में विधि का इतिहास-83

पटना उच्च न्यायालयपटना उच्च न्यायालयबिहार और उड़ीसा कलकत्ता प्रेसीडेंसी के ही भाग थे। 1912 में बिहार और उड़ीसा को बंगाल से अलग कर एक अलग प्रांत बनाया गया। तभी यह निश्चित हो गया था कि इस प्रांत के लिए अलग उच्च न्यायालय होना आवश्यक है। 22 मार्च 1912 को
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: legal history
पसंद करें
2
नापसंद करें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की स्थापना और अधिनियम में संशोधन : भारत में विधि का इतिहास-82

सन् 1861 के अधिनियम की धारा 16 के अंतर्गत ब्रिटिश क्राउन ने 17 मार्च 1886 को एक लेटर्स पेटेंट जारी कर उत्तर पश्चिमी प्रांतों के लिए आगरा में एक उच्च न्यायालय स्थापित करने का उपबंध किया गया था। 1875 में यह उच्च न्यायालय इलाहाबाद अंतरित कर दिया गया। इस तरह
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: Allahabad
पसंद करें
1
नापसंद करें

उच्च न्यायालयों की स्थापना के प्रभाव : भारत में विधि का इतिहास-81

प्रेसीडेंसी नगरों में उच्च न्यायालयों की स्थापना भारत में न्यायिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव था। इस से पूर्व में प्रचलित दोहरी न्यायिक प्रणाली का अंत हो गया था। यह व्यवस्था व्यावहारिक और सरल थी। पूर्ववर्ती सुप्रीमकोर्ट और सदर दीवानी और सदर निजामत अदालतों
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
2
नापसंद करें

पत्नी मायके से ही पुलिस में दहेज क्रूरता की रिपोर्ट कर दे तो पति क्या करे?

पिछली पोस्ट पर मुझे टिप्पणियों में दो प्रश्न मिले हैं --- सलीम ख़ान said...द्विवेदी जी, मुझसे मेरे एक दोस्त ने मुझसे पूछा था कि उसने सेक्शन 9 दाखिल करा दिया था जब उसकी बीवी मायके अकारण ही चली गयी थी और मायके से ही थाने में दहेज़ की ऍफ़आईआर लिखवा देती है
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: Legal Advice
पसंद करें
4
नापसंद करें

पत्नी प्रसव के बाद मायके से वापस लौटने से इन्कार कर रही है, क्या मुझे तलाक ले लेना चाहिए?

कपिल सिंह ठाकुर ने पूछा है --- मेरी शादी 15 फरवरी 2009 में हो चुकी है। नवम्बर में पुत्री भी हो चुकी है, पर मेरी पत्नी प्रसव के नाम  पर 22 जून 2009 से मायके गई है जो आज तक नहीं लौटी।  फोन करने पर कहती है कि मैं नहीं आऊंगी। क्या मुझे तलाक ले लेना
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
0
नापसंद करें

उच्च न्यायालयों की अन्य अधिकारिता : भारत में विधि का इतिहास-80

दीवानी और दांडिक अधिकारिता के अतिरिक्त उच्च न्यायालयों को कुछ अन्य अधिकारिताएँ भी प्रदान की गई थीं।नौकाधिकरण की अधिकारिता- इस के अंतर्गत उच्च न्यायालयों को एडमिरल और उपएडमिरल के न्यायालयों के रूप में भारत में उत्पन्न होने वाले दीवानी, दांडिक, प्राइज, आदि
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
2
नापसंद करें

उच्च न्यायालयों की दांडिक अधिकारिता : भारत में विधि का इतिहास-79

दिसंबर 1885 में जारी लेटर्स पेटेंट के द्वारा उच्च न्यायालयों की दांडिक अधिकारिता भी निश्चित कर दी गई थी। जो इस प्रकार थी-1- साधारण आरंभिक दांडिक अधिकारिता- उच्च न्यायालयों की साधारण दांडिक अधिकारिता का विस्तार प्रेसीडेंसी नगर की सीमा में निवास करने वाले
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
May 04 2010 05:20 AM
पसंद करें
1
नापसंद करें

प्रेसीडेंसी नगरों में उच्च न्यायालयों की स्थापना : भारत में विधि का इतिहास-78

कलकत्ता उच्च न्यायालयभारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम-1861 (Indian High Courts Act-1861) से स्वतः ही किसी उच्च न्यायालय की स्थापना भारत में नहीं हुई। इस के लिए ब्रिटेन की महारानी ने दिनांक 14 मई 1862 को कलकत्ता के लिए आदेश जारी किया लेटर्स पेटेंट 1 जुलाई
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
4
नापसंद करें

ससुराल वालों को क्रूरतापूर्ण व्यवहार पर शर्म नहीं है तो पत्नी को तुरंत विवाह विच्छेद के लिए कार्रवाई करना चाहिए

कमल जी ने पूछा है -हम ने अपनी बेटी की शादी दो साल पहले इंदौर में की थी किन्तु उस के ससुराल वाले उसे मारपीठ करते हैं और मायके नहीं आने देते। हम छह माह पहले उसे मायके ले आए अब हम उसे भेजना नहीं चाहते हैं और ना ही बेटी जाना चाहती है। हम ने करीब दो लाख रुपए
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
पसंद करें
2
नापसंद करें

भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम 1861 : भारत में विधि का इतिहास-77

ब्रिटिश संसद ने 1861 में भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम पारित किया और इसी के साथ भारत में उच्च न्यायालयों के इतिहास का आरंभ हुआ। इस अधिनियम द्वारा ब्रिटिश क्राउन को भारत में आवश्यकतानुसार उच्च न्यायालय स्थापित करने का प्राधिकार दिया गया था। प्रारंभ में
 
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
टैग: System