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खेत खलियान

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17 May 2010
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जैविक का व्यापार-एन.जी.ओ. और सरकार

योगेश दीवानकितना आश्‍चर्यजनक है कि अचानक मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री पानी बाबा की तर्ज पर ''जैविक बाबा'' हो जाते हैं और मुख्यमंत्री जैविक प्रदेश घोषित करने के लिये धन्यवाद के पात्र। ये वहीं मुख्मंत्री और कृषि मंत्री हैं जो कुछ दिन पहले तक और अभी भी प्रदेश
 
शिवनारायण गौर
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पवन ऊर्जा के माध्यम से दो बत्ती कनेक्शन

मध्‍य प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री डॉ. रामकृष्णकुसमरिया तथा राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री करणसिंह वर्मा ने 5 मई कोदेवास जिले की आष्टा तहसील के ग्राम जताखेड़ा में पवन ऊर्जा से विद्युतीकरण कीयोजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत जताखेड़ा गांव
 
शिवनारायण गौर
May 08 2010 05:52 PM
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विदर्भ में 23 किसानों ने आत्महत्या की

कृषि क्षेत्र की स्थिति में सुधार के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाए जाने के दावों के बावजूद इस साल विदर्भ में अब तक 23 किसानों ने आत्महत्या कर चुके हैं।कृषि और उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री केवी थॉमस ने मनोहर जोशी के सवाल के लिखित
 
शिवनारायण गौर
May 01 2010 03:56 PM
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मोन्सेन्टो के मक्के के बीज से उपजी फसल फलहीन

कृषि राज्य मंत्री के वी थामस ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि बिहार में बड़े भू-भाग पर अमेरिका की मोन्सेन्टो कंपनी द्वारा तैयार संकर नस्ल के बीज “कारगिल..900 एम एम” बोने के बाद मक्के की फसल में दाने नही आए।उन्होंने बताया कि बिहार के
 
शिवनारायण गौर
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फसल उत्पादन ही नहीं, एक जीवन पद्धति है खेती

पिछले दिनों मैं अपने एक मित्र के बुलावे पर उनके खेत गया। मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के पिपरिया विकासखंड के डापका गांव में हम गए। खेत में चना की कटाई चल रही है। साथ में बेटा और एक अन्य मित्र भी थे। सतपुड़ा की तलहटी में हरे-भरे खेत थे। चारों तरफ गेहूं,
 
शिवनारायण गौर
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ज्यादा तबाही कर सकती है जेनेटिक इंजीनियरिंग की कंपनियां

भारत डोगरा हाल ही में बीटी बैंगन के मुद्दे ने जोर पकड़ा है और इस संदर्भ में जगह-जगह पर जन-सुनवाईयां हुई हैं। कई राज्य सरकारों ने भी बीटी बैंगन के प्रति अपना विरोध जताया है। यह राय सरकारें बधाई की पात्र हैं कि उन्होंने एक नाजुक समय पर उचित निर्णय लिया।
 
शिवनारायण गौर
Feb 26 2010 06:53 PM
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बीटी बैंगन पर विवेक की जीत

प्रफुल्ल बिदवईभारतीय कृषि विश्वविद्यालयों के सहयोग से महाइको-मोनसांटो द्वारा विकसित आनुवंशिक रूप से सुधरे बैंगनों को बिक्री के लिए बाजार में उतारने की प्रक्रिया को स्थगित करने के बारे में पर्यावरण तथा वन राज्यमंत्री जयराम रमेश ने जो ऐलान किया है, उसके
 
शिवनारायण गौर
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कृषि कार्यों के लिए 13,805.82 करोड़ रुपये का प्रावधान

सरकार ने वित्त वर्ष 2010-11 के लिए कृषि संबंधी कार्यों हेतु 13,805.82 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. लोकसभा में 2010-11 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि इसमें से 6,722 करोड़ रुपये का फंड राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए रखा गया
 
शिवनारायण गौर
टैग: बजट 2010-11
Feb 26 2010 06:49 PM
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नाममात्र कृषि भूमि की मालकिन हैं महिलाएँ

भारत समेत विश्व के ज्यादातर हिस्सों में महिलाएँ मालिकाना हक के मामले में पुरुषों से बहुत पीछे हैं। यह कहना है खाद्य एवं कृषि संगठन का। मसलन भारत में जमीन पर मालिकाना हक रखने वाले 1 करोड़ 19 लाख किसानों में मात्र 9. 21 फीसद महिलाएँ हैं। देश में 2008 में
 
शिवनारायण गौर
Feb 23 2010 06:28 PM
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खरबों खर्च, फिर भी नहीं सुधरे किसानों के हालात

गिरिराज अग्रवालजयपुर. हिमाचल प्रदेश में सोलन जिले के संतराम समेत करीब 40 किसान अब जान गए हैं कि रासायनिक उर्वरकों से पैदा होने वाली फसल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नहीं है। इससे कई तरह की बीमारियां हो रही हैं। वहीं पैदावार घटने और लागत बढ़ते जाने से उन्हें
 
शिवनारायण गौर
Feb 23 2010 06:26 PM
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खेती की अनूठी परंपरागत पद्धति है बारहनाजा

पिछले दिनों इंदौर के सजीव कृषि मेले में उत्तराखंड के देसी बीजों का स्टाल लगा हुआ है। इन बीजों को मैंने अपने हाथ में लेकर देखा तो देखते ही रह गया। देर तक रंग-बिरंगे बीजों के सौंदर्य को निहारते रहा। धान, राजमा, मंडुवा (कोदा), मारसा (रामदाना), झंगोरा,
 
शिवनारायण गौर
Feb 19 2010 06:23 PM
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सजीव खेती ही एकमात्र रास्ता है

“मैंने पहले रासायनिक खेती की और बाद में सजीव खेती। वर्ष 1994 तक मै रासायनिक खेती करता रहा। जिसमें मेरी जमीन की उर्वरक शक्ति गई, भूजल स्तर नीचे गया, देसी बीज खत्म हुए, फसलचक्र बदला और मजदूरों का रोजगार खत्म हुआ। लेकिन जब मेरा इस विनाशक खेती से मोहभंग हुआ
 
शिवनारायण गौर
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मुर्गियां रोजाना पैदा कर रही हैं 400 यूनिट बिजली

भोपाल. राजधानी से लगभग 15 किमी दूर स्थित एक पॉल्ट्री फार्म ऐसा है, जिसने गैर परंपरागत तरीके से बिजली पैदा करने का अनोखा उदाहरण पेश किया है। यहां मुर्गियों के अपशिष्ट (बीट) से हर रोज 350 से 400 यूनिट बिजली बनाई जा रही है। पारंपरिक स्रोत से इतनी बिजली की
 
शिवनारायण गौर
Feb 13 2010 02:05 PM
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नारी सशक्तिकरण : एक एकड़ जमीन में रामरती का पूरा संसार

गोरखपुर, 21 जनवरी। 'चाहे बरसात कम हो या ज्यादा, बाढ़ या ओलावृष्टि। मौसम के बदलाव मुझे विचलित नहीं करते'। रामरती में यह हौसला उनके अपने हुनर से आया है। महज एक एकड़ जमीन वाली कैम्पियरगंज के सरपतहा गांव की यह 50 वर्षीय महिला किसान एक ही खेत में एक साथ कई
 
शिवनारायण गौर
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जैविक खेती से किसानों में खुशी

साठ के दशक में शुरू हुई हरित क्रांति के बाद देश खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि अग्रणी देश भी बन गया। हरित क्रांति के नाम पर खेती में कीटनाशकों और खाद के रूप में रसायनों के जमकर हुए प्रयोग ने हमारे किसानों का उत्पादन तो बढ़ाया लेकिन स
 
शिवनारायण गौर
Dec 29 2009 11:43 AM
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भूख के मामले में विश्व में भारत का प्रथम स्थान

ग्रामीण गरीबी दूर करने में भारत पिछड़ रहा है। यहां 23 करोड़ लोग कुपोषण के शिकार हैं जो विश्व भर में सबसे ज्यादा है। भारत में बच्चों की कुल मौतों में से 50 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के कारण मरते हैं। जबकि प्रत्येक तीसरे व्यस्क व्यक्ति का वजन कम होता है। यह ब
 
शिवनारायण गौर
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किसान को नहीं लुभाता बजट

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने अपने भाषण में किसानों को असली नायक बताया। किसानों के लिए बजट में कुछ प्रावधान रखते हुए उन्होंने ये बात कही। हालाँकि यह अलग बात है कि केवल इसी साल कोई नई बात नहीं कही है। सरकार समय समय पर किसानों के लिए ऐसे उद्बोधन करती र
 
शिवनारायण गौर
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सोयाबीन के बाद धान में भी बढ़ी लागत

मुझे आज भी वह दिन याद है जिस वर्ष सोयाबीन की लहलहाती हुई फसल को तम्बाकू इल्लियों ने चट कर लिया था और हम कुछ नहीं कर पाए। हमारे कृषि वैज्ञानिक इस भयानक घटना के सामने बौने साबित हुए। सारे कीटनाशक (जहर) इस तम्बाकू इल्ली पर बेअसर हुए। उस वर्ष सोयाबीन का
 
शिवनारायण गौर
Dec 29 2009 11:43 AM
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खेती की समस्याएँ

जब हम खेती की समस्याओं की बात करते हैं तो हमें दो तरह से देखना होगा। एक वे समस्याएँ जो तात्कालिक होती है और प्रत्यक्ष दिखाई देती हैं। जैसे बीज, खाद, पानी, डीजल, बिजली, कीटनाशक और उत्पादन की पर्याप्त कीमत न मिलने से संबंधित समस्याएँ। प्रत्यक्ष समस्याए
 
शिवनारायण गौर
Dec 29 2009 11:43 AM
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प्लास्टिक के तालाब: कृषि पर नया खतरा

केन्द्र सरकार महाराष्ट्र के सूखा-पीड़ित इलाकों के लिए एक नई विषैली योजना लेकर आई है जिसके अंतर्गत कपास उत्पादन वाले 16 जिलों के पन्द्रह सौ तालाबों का निर्माण और उनमें प्लास्टिक की चादरें बिछाकर पानी का जमीन में रिसाव रोककर समस्या सुलझाने की कोशिश की ज
 
शिवनारायण गौर
Dec 29 2009 11:43 AM
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पानी का निजीकरण

हाल ही में उत्तरप्रदेश विधानसभा द्वारा पारित जल संसाधन प्रबंधन और नियामक आयोग के गठन संबंधी कानून से स्पष्ट हो गया है कि अब देश में पानी का इस्तेमला भी गरीबों और किसानों की पहुंच से बाहर किया जा रहा है। इस कानून के उल्लंघन को संज्ञेय अपराध माना गया ह
 
शिवनारायण गौर
Dec 29 2009 11:43 AM
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जीएम से राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में

पूरी दुनिया में जीन संशोधित बीजों एवं खाद्य पदार्थों को लेकर बवाल मचा हुआ है। एक तरफ कृषि वैज्ञानिक तथा किसान संगठनों के नेता दुनियाभर में जीन संशोधित खाद्य पदार्थों के स्वास्थ्य , पर्यावरण एवं जीन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से आम नागरिकों को आगाह कर
 
शिवनारायण गौर
Dec 29 2009 11:43 AM
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रासायनिक खेती से भी जलवायु में बदलाव

रासायनिक खेती जलवायु परिवर्तन का बड़ा कारक हैं जबकि जैविक खेती से जलवायु तो बेहतर होता ही है इससे जमीन की उपजाऊ क्षमता भी बढ़ती है। नवधान्य संस्था की संस्थापक निदेशक डॉ. वंदना शिवा ने पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेन्स में यह बातें कहीं।
 
शिवनारायण गौर
Dec 29 2009 11:43 AM
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कृषि और किसान को खोखला करते रसायन

सचिन कुमार जैन खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशक के बेतहाशा उपयोग से पैदा हो रहे खतरों के अत्यधिक प्रचार के बावजूद मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के पेटलावद ब्लॉक में एक हेक्टेयर खेत में 600 से 800 किलोगा्रम रासायनिक उर्वरक और 5 से 10 लीटर रासायनिक कीटनाशक
 
शिवनारायण गौर
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बलि चढ़ी दाल

सुनील दाल-रोटी खाओ, प्रभु के गुण गाओ — कुछ साल पहले किसी बम्बंईया फिल्मत के लिए यह गीत लिखने वाले गीतकार ने कभी सोचा भी न होगा कि जो दाल हमारे सादे भोजन का हिस्साो है, एक दिन वह इतनी महंगी हो जाएगी। आज अरहर की दाल 85 से 90 रुपए किलो हो चली है। पांच स
 
शिवनारायण गौर
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गेहूं का समर्थन मूल्य 1100 रुपए होगा

दिल्ली 05 नवम्बर, 2009 केन्द्र सरकार ने गुरुवार को गेहूं सहित रबी की कई फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ा दिया। इसके तहत सरकार ने गेहूं की एमएसपी 20 रुपए और चना की एमएसपी 30 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दी है। इसके साथ ही सरकार ने जौ और सैफफ्लाव
 
शिवनारायण गौर
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हर किसान पर 14 हजार का कर्ज

भोपाल । मप्र के किसानों की आर्थिक स्थिति के बारे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। प्रदेश के हर किसान पर औसतन 14 हजार 218 रुपए का कर्ज है। वहीं प्रदेश में कर्ज में डूबे किसान परिवारों की संख्या भी चौंकाने वाली है। यह संख्या 3211000 है। खास बात
 
शिवनारायण गौर
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कर्ज के फंदे में किसान

होशंगाबाद जिले के बनखेड़ी ब्लाक के कुर्सीढ़ाना के किसान अमान सिंह ने अप्रैल माह में करीना इंडोसल्फान (एक जहरीली दवा) पीकर अपनी ईहलीला समाप्त कर ली। अमान सिंह पर बैंक और साहूकार मिलाकर कुल 1.50 लाख रूपये का कर्ज था। अमान के परिवारजन बताते हैं कि उसके यह
 
शिवनारायण गौर
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किसानों की आत्महत्या से उठे सवाल

मध्य प्रदेश के होशंगाबाद ज़िले के बनखड़ी ब्लाक के एक गांव कुर्सीढाना के कृषक अमान सिंह ने अप्रैल के पहले हप्ते में जहरीली दवा पी ली जिससे अमान सिंह की मृत्यु हो गई। अमान सिंह पचास हजार ने 50 हजार का कर्ज सतपुड़ा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से एवं करीब एक लाख
 
शिवनारायण गौर
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हारवेस्टर की देन नरवाई की आग

होशंगाबाद जिले के गोलगांव के खेतों में पिछले दिनों लगी आग से 40 किलोमीटर के खेत जल गए। गेहूं को काटने के बाद खेत में छूटा गेहूं का निचला हिस्सा जिसे नरवाई कहते हैं, में लगी इस आग से छोटे-बड़े सैकड़ों झाड़-पेड़ जल गए। आग हवा के साथ फैलती गई और बीच में आने
 
शिवनारायण गौर
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चार किसानों की कपास के बीज पर विजय

रतलाम जिले के नयापुरा गांव में रहने वाले कृषक श्री दुलेसिंह इसी गांव के किसान धुलचन्द व अमरसिंह और रतलाम जिले के भवानीपुरा गांव के किसान मांगीलाल में एक समानता है। ये वे किसान हैं जो कपास की खेती करतहैं। इन चारों किसानों ने करीब चार साल पहले अपने खेत
 
शिवनारायण गौर
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जीएम बेंगन का विरोध

जीएम फसलों के दुष्‍प्रभावों से चिन्‍तित लोग इन दिनों तरह तरह से अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही भोपाल में झाबुआ से किसानों से कुछ इस तरह जीएम बेंगन का विरोध किया।
 
शिवनारायण गौर
टैग: जीएम
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क्या हमारी थाली में जहर है

जीएम भगाओ-देश बचाओ अभियान के तहत इन दिनों मध्यप्रदेश में जीएम फसलों के खिलाफ एक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के समर्थन में हाल ही में विख्यात फिल्म निर्देशक महेश भट्ट एक दिन भोपाल आए। उन्होंने एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म पॉयजन ऑन द प्लेटर भी इस मुद्द
 
शिवनारायण गौर
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पोस्‍टर प्रदर्शनी

हाल ही में होशंगाबाद के पास के एक गांव निटाया में ग्राम सेवा समिति की एक बैठक में जाने का मौका मिला। ग्राम सेवा समिति इन दिनों जैविक खेती को प्रोत्‍साहित करने के लिए जिले के करीब 20 गांवों में काम कर रही है। उन्‍होंने जैविक खेती पर एक पोस्‍टर प्रदर्श
 
शिवनारायण गौर
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ये है गांव की कामकाजी महिला

शहरों में महिलांए किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से पीछे नहीं हैं। लेकिन गांवों में सिकी के मामले में ऐसा नहीं है। हालांकि यहां की एक ग्रामीण महिला ने अब इसे संभव कर दिखाया है। वह पिछले 19 साल से खेती कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है। छत्तीसगढ़ में ज
 
शिवनारायण गौर
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समर्थन मूल्य की घोषणा

केन्द्र सरकार ने गत 29 जनवरी को रबी फसलों के न्युनतम समर्थन मूल्य घोषित कर दिए। कुछ फसलों के समर्थन मूल्य में वृध्दि की गई है। जैसे गेहूं का समर्थन मूल्य 1000 रुपए से बढ़ाकर 1080 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसी तरह चने के मूल्य में वृध्दि की गई
 
शिवनारायण गौर
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बाजार के कुचक्र में किसान

सारी दुनिया आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही है। इसकी चिंता सभी छोटे बड़े देश में व्याप्त है। इससे निपटने के लिए सभी देश छोटे-मोटे हथकंडे राहत पैकेज और खाखले आत्मविश्वास की दुहाई दह रहे हैं। दूसरी तरफ भारत की 110 करोड़ आबादी में 65 प्रतिशत लोगों की आजीवि
 
शिवनारायण गौर
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राहत के इंतजार में कृषि जगत

एक चौका देने वाली खबर को इलेक्ट्रानिक मीडिया ने सामान्य खबर के रूप में प्रसारित करना भी गवारा नहीं किया। यह खबर देश में चीत्कार मचाने वाले कुलीन वर्ग को हिला देती। खबर है कि 2007 के दौरान 16632 किसानों ने आत्महत्या कर ली। इनमें सर्वाधिक किसान महाराष्
 
शिवनारायण गौर
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खेती उजाड़ता कृषि प्रधान समाज

खेती इस पृथ्वी पर प्रारंभ हुई सम्भवत: पहली नियोजित मानव क्रिया है जो कई मार्ग बदलकर आज पुन: अपना अस्तित्व खोज रही है। वर्तमान खाद्यान्न असुरक्षा इसी भटकाई हुई खेती के ही कारण है। औद्योगिक देशों में फसल को नष्टकर उद्योग खड़े किए गए थे लेकिन कृषि प्रधान
 
शिवनारायण गौर